भोपाल। 
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक अनोखी घटना ने सबको चौंका दिया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, जो विपक्ष के नेता उमंग सिंघार के धुर विरोधी माने जाते हैं, अचानक सिंघार के बंगले पर पहुंच गए. दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में लंबी बातचीत हुई, जो पार्टी के भीतर की गुटबाजी को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यह खबर राज्य की सियासत में हलचल मचा रही है, क्योंकि दोनों नेताओं के बीच पुरानी दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है.
यह घटना भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित उमंग सिंघार के बंगले पर घटी. दिग्विजय सिंह अकेले ही वहां पहुंचे और सिंघार ने उनका स्वागत किया. करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक दोनों ने बंद कमरे में चर्चा की. बाहर इंतजार कर रहे पत्रकारों को कोई जानकारी नहीं मिली, लेकिन सूत्रों के अनुसार, बातचीत पार्टी की एकजुटता और आगामी रणनीति पर केंद्रित रही. सिंघार के समर्थक तो हैरान थे ही, दिग्विजय के करीबियों ने भी इसे ‘अचानक’ बताया. कई कांग्रेस नेताओं को लगता है रि , “ये दोनों सालों से एक-दूसरे पर तीखे तीर चला रहे थे. अब ये मुलाकात पार्टी हाईकमान के संकेत पर हुई लगती है.”
दोनों नेताओं के बीच तनाव की जड़ें गहरी
2019 में जब कमल नाथ सरकार बनी, तब उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर शराब माफिया को संरक्षण देने और सरकार को अस्थिर करने के आरोप लगाए थे. सिंघार ने दिग्विजय को ‘ब्लैकमेलर’ तक कह दिया था. इसके जवाब में दिग्विजय के समर्थकों ने सिंघार को ‘बीजेपी एजेंट’ बता दिया. 2022 में भी सिंघार के एक ट्वीट ने विवाद खड़ा कर दिया, जब उन्होंने सीएम शिवराज सिंह चौहान का नाम लेते हुए दिग्विजय पर निशाना साधा. हाल ही में लोकसभा चुनावों के दौरान भी दोनों गुटों में खींचतान देखी गई. 2023 के विधानसभा चुनाव हार के बाद कांग्रेस में गुटबाजी और तेज हो गई, जहां सिंघार और दिग्विजय दोनों ही अपनी दावेदारी पेश कर रहे थे.