भोपाल। 
 मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में आज नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में स्मार्ट मीटर परियोजना के संबंध में गंभीर सुरक्षा, गोपनीयता और धनराशि- दुरुपयोग के आरोपों के साथ प्रेस वार्ता की। प्रशासकीय निर्णयों, ठेकों, कंपनियों के विदेशी संपर्क एवं तकनीकी जोखिमों को सामने रखते हुए सरकार व डिस्कॉम से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग प्रस्तुत की गई।
परियोजना का दायरा एवं स्थिति 

  • केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्यक्रम युद्धस्तर पर चल रहा है।
  • मध्यप्रदेश में अब तक मात्र 18% स्मार्ट मीटर इंस्टॉल हुए हैं।
  • नागरिकों में बिजली बिल में वृद्धि, गोपनीयता और सुरक्षा संबंधी शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। 

विदेशी लिंक और सुरक्षा संबंधी आशंका पाकिस्तानी कनेक्शन 

  • परियोजना GM ज़हर इकबाल शाह और संपर्क अधिकारी नईम अब्बास — दोनों पाकिस्तानी नागरिक।
  • अक्टूबर 2024 में अल्फानार ने पाकिस्तान सरकार के साथ MoU साइन किया, Overseas Employment Corporation स्थापित किया गया।
  • कंपनियों की subsidiary पाकिस्तान/बांग्लादेश में; DPIIT आदेश के अनुसार ऐसे देशों की कंपनियों के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक।

 KYC व डेटा संग्रह 
स्मार्ट मीटर KYC: आधार, वोटर आईडी, पैन, बैंक खाता, जाति, भूमि जैसी संवेदनशील जानकारी ली जा रही है।
डेटा की सुरक्षा, लोकेशन, और नियंत्रण की पारदर्शिता नहीं।
विदेशी कंपनियों से डेटा विदेश जाने की आशंका।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा: 
यह मामला केवल मीटर इंस्टॉलेशन या बिल वृद्धि का नहीं बल्कि राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर निजता, आर्थिक और सामरिक सुरक्षा से जुड़ा है। हम, विपक्ष, राज्य व केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि सभी ठेकों, डेटा सुरक्षा, विदेशी लिंक की गहन जांच हो एवं जनता के हितों व संवैधानिक अधिकारों पर किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।