भोपाल। 
आत्माराम पारदी हत्याकांड में गवाहों को धमकाने के मामले में आरोपी बर्खास्त सब इंस्पेक्टर रामवीर सिंह कुशवाहा को गुना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. ढाई साल से सीआईडी उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी थी. वहीं, देवा पारदी कस्टडी डेथ के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी टीआई संजीत सिंह मावई ने शिवपुरी जिले के बदरवास थाने में सरेंडर कर दिया है। कुछ दिन पहले सीबीआई ने मामले में एक और आरोपी एएसआई उत्तम सिंह को इंदौर से गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपी पिछले एक साल से फरार चल रहे थे।
बता दें क‍ि बर्खास्त सब इंस्पेक्टर रामवीर सिंह को कुछ दिन पहले ही हाई कोर्ट से आत्माराम हत्याकांड मामले में जमानत मिली थी. सोमवार को गवाहों को धमकाने वाले दूसरे केस में उसकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि रामवीर पिछले तीन-चार दिनों से गुना में है और अपने समर्थकों से मिल रहा है। इन मुलाकातों के वीडियो सोशल मीडिया पर भी डाले जा रहे थे। इसी के आधार पर एसपी अंकित सोनी ने स्पेशल टीम बनाकर रविवार रात उसे गिरफ्तार किया।
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार
देवा पारदी मौत के मामले में बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी. इस दौरान कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा था क‍ि अगर, सात अक्टूबर तक आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो आठ अक्टूबर को सीबीआई के जांच अधिकारी और मप्र गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना होगा।
2024 में हुई थी देवा की मौत
दरअसल, 26 साल के देवा पारदी की साल 2024 में पुलिस हिरासत में कथित मौत हो गई थी। इस मामले में दो पुलिस अधिकारियों- एसआई उत्तम सिंह और टीआई संजीत मावई पर कस्टडी में मारपीट के आरोप हैं। सीबीआई ने दोनों फरार अधिकारियों पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।