अपने ही विभाग वाले बने पराए, PWD से रिटायर्ड वेल्डर से बाबू ने मांगी रिश्वत, पहली किस्त लेते लोकायुक्त ने पकड़ा
भोपाल।
कोई सरकारी कर्मचारी अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय ऑफिस को समर्पित कर देता है। लेकिन जब रिटायर्ड होता है तो वही ऑफिस बेगाना हो जाता है और अपने किसी काम के लिए उसी कार्यालय में रिश्वत देना पड़ जाता है। सुनकर अजीब लग रहा होगा। लेकिन ऐसा ही एक मामला भोपाल के पीडब्ल्यूडी कार्यालय में सामने आया। यहां एक रिटायर्ड कर्मचारी को रिश्वत देना पड़ी। दरअसल, लोकायुक्त टीम ने लोक निर्माण विभाग के सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी कमलेश मालवीय को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह बाबू रिटायर्ड कर्मचारी से स्वत्वों और उपादानों के भुगतान के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था।
ये है पूरा मामला
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार दुर्गाप्रसाद विश्वकर्मा 31 अगस्त 2025 को पीडब्ल्यूडी में वेल्डर पद से रिटायर्ड हुए हैं। इसके बाद मिलने वाले मालिकाना हकों और अन्य भुगतानों की प्रक्रिया पूरी करवा रहे थे। इसी दौरान विभागीय बाबू कमलेश मालवीय ने उनसे 10000 रुपए की रिश्वत मांग ली। दुर्गाप्रसाद ने काफी मिन्नतें कीं, लेकिन बाबू ने रिश्वत की राशि कम नहीं की। पहली किश्त के तौर पर 5 हजार रुपए तय किए गए थे।

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