भोपाल। 
मध्य प्रदेश के कैबिनेट  मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर लगे आरोपों को लेकर राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अब तो हाई कोर्ट भी टिप्पणी कर रहा है कि सरकार मंत्री को बचाने में लगी है। यह साफ हो गया है कि भ्रष्टाचारियों की रक्षा करना ही भाजपा का “राजधर्म” बन गया है।
सिंघार ने आरोप लगाया कि हाई कोर्ट की सुनवाई में भी सरकार कठघरे में खड़ी दिखी, क्योंकि उसने निर्वाचन आयोग को मंत्री के चुनावी हलफनामे से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए। अदालत ने इसे लेकर तल्ख टिप्पणी की और सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि उन्होंने परिवहन घोटाले से जुड़े सबूत पहले ही सरकार को सौंप दिए थे, जिनमें गोविंद सिंह राजपूत की संलिप्तता साफ नज़र आती है। इसके बावजूद सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। सिंघार का कहना है कि भाजपा सरकार अब “भ्रष्टाचारियों और अपराधियों की शरणस्थली” बन चुकी है और जनता के हितों की बजाय आरोपित नेताओं को बचाने में जुटी हुई है।