भोपाल।
 मप्र के इतिहास में संभवतः यह पहला मामला है, जब अवैध उत्खनन को लेकर लगाए गए 51.67 करोड़ रुपए के अर्थदंड को एक हो न्यायालय 4032 रुपए में बदल दिया। ऐसा ही मामला मप्र के एक छोटे जिले हरदा में सामने आया है। जहां तत्कालीन अपर कलेक्टर प्रवीण फुलपगारे द्वारा सड़क निर्माण कंपनी पाथ इंडिया लिमिटेड पर लगाए गए 51.67 करोड़ के अर्थदंड को हरदा के ही तत्कालीन अपर कलेक्टर रहे 2019 बैच के आईएएस डॉ नागार्जुन बी गौड़ा ने घटाकर मात्र 4032 रुपए कर दिया। गौडा वर्तमान में खंडवा में जिला पंचायत सीईओ हैं।
हरदा के अपर कलेक्टर रहे प्रवीण फुलपगारे ने जून 2023 में हरदा इंदौर हाईवे निर्माण करने वाली कंपनी प्रकाश एस्फालटिंग एवं टोल हाईवे (इंडिया) लि. (पाथ इंडिया लिमिटेड) पर मिट्टी एवं मुरम के अवैध उत्खनन करने पर 51.67 लाख का जुर्माना लगाया था। जिला खनिज शाखा ने बाकायदा अवैध उत्खनन विस्तृत प्रस्ताव बनाकर अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रकरण भेजा था। फुलपगारे के तबादले के बाद डॉ नागार्जुन बी गौडा को हरदा का अपर कलेक्टर बनाया गया। गौडा ने इस प्रकरण की फिर से सुनवाई की। सुनवाई के बाद उन्होंने 51.67 लाख के जुर्माने को मात्र 4032 रुपए में बदल दिया। इस संबंध में हरदा के सामाजिक कार्यकर्ता आनंद जाट ने दस्तावेज निकाले हैं। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि इस प्रकरण में 10 करोड़ की रिश्वत लेने की स्थानीय प्रशासन में चर्चा है। उन्होंने पूरी सुनवाई के बाद अर्थदंड बदला।
नागार्जुन ने ऐसे कम किया जुर्माना
नागाजुर्न ने पाथ इंडिया लि को जो जुर्माना कम किया। उसमें उन्होंने अवैध उलवनन तो माना है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों को इसका जिम्मेदार ठहराया है। खास बात यह है कि जिस अपर कलेक्टर न्यायालय ने कंपनी पर जुर्माना लगाया, उसी न्यायालय ने उसी जुर्माने की राशि को कम कर दिया। सामान्यतः यह प्रकरण उच्चाधिकारी के पास सुनवाई के लिए पहुंचना चाहिए था। फिलहाल हरदा जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है।