भोपाल। 
मध्य प्रदेश में अब नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे से गुजरने वाली हर गाड़ी का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसके लिए अगले तीन महीने में टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा। पहले इसे नेशनल हाईवे के 85 टोल पर और फिर स्टेट हाईवे के 112 टोल पर लगाया जाएगा। इस सिस्टम में टोल प्लाजा पर लगे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे गाड़ियों की नंबर प्लेट स्कैन करेंगे और उनका डेटा एनआईसी (नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर) के सेंट्रल सर्वर को भेज देंगे।
अगर जांच में पता चला कि किसी गाड़ी का बीमा, पीयूसी (पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट) या फिटनेस खत्म हो चुका है तो तुरंत ई-चालान बनेगा और वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज आ जाएगा। चालान की जानकारी स्थानीय आरटीओ ऑफिस के डेटाबेस में भी रहेगी। इसका ट्रायल रन शुरू हो चुका है।

सीएम ने दिए थे निर्देश, मेंटेन हो सकेगा रिकॉर्ड 
 यह सिस्टम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर लागू किया जा रहा है। इससे हाईवे से गुजरने वाली लाखों गाड़ियों का रिकॉर्ड बनेगा। एमपी से यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीधी रोड कनेक्टिविटी है। अभी तक गाड़ियां सिर्फ टोल टैक्स देकर निकल जाती थीं, उनका परमिट या फिटनेस रिकॉर्ड नहीं रहता था। अब यह रिकॉर्ड आसानी से ट्रैक हो सकेगा।
गडकरी तक पहुंची थीं वसूली की शिकायतें
प्रदेश में टोल और हाईवे पर गाड़ियों को रोककर कागज चेक करने के नाम पर वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। कभी पुलिस तो कभी परिवहन कर्मचारी ऐसा कर रहे थे। मामला केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तक पहुंचा।
अब इस अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए नया सिस्टम लगाया जा रहा है। टोल से गुजरने वाली गाड़ियों के चालान की पूरी जानकारी भोपाल आरटीओ में बन रहे कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में दर्ज होगी। यहां 24 घंटे टीमें डाटा संभालेंगी।