भोपाल। 
मप्र उच्च न्यायालय ने दो जिलों के प्रधान जिला न्यायाधीश निलंबित कर दिए हैं। दोनों के विरुद्ध वकीलों एवं अन्य लोगों ने हाईकोर्ट को शिकायतें की थीं। निलंबित होने वाले जजों में सिंगरौली के प्रधान जिला जज हितेंद्र सिंह एवं धार के प्रधान जिला जज चौधर सिंह सैयाम शामिल हैं। हाईकोर्ट ने निलंबित करने के बाद हितेंद्र सिंह को दमोह जिला न्यायालय में अटैच कर दिया है। यह कार्यवाही उनके टीकमगढ़ जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यकाल में हुई गड़बड़ियों को लेकर की गई है। धार के जिला जज को धार में ही अटैच किया गया है। टीकमगढ़ के जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी ने इसकी शिकायत की है।  शिकायती आवेदन में जज हितेंद्र सिह पर तमाम सप्रमाण आरोपों की लंबी सूची है। टीकमगढ़ में करीब 3 साल तक पदस्थ रहे हितेंद्र सिंह के विरुद्ध एक और शिकायत की हैं जिसमें महिला कर्मचारियों ने भी गंभीर आरोप हाईकोर्ट के सामने रखे थे। 2024 में डीजे विजीलेंस बीपी शर्मा ने अनिल त्रिपाठी, मनीष यादव की शिकायत पर गहन जांच की और आरोपों को कथित तौर पर प्रमाणित पाया। श्री शर्मा वर्तमान में हाईकोर्ट जज के रूप में हाल ही पदोन्नत हुए है। कर्मचारियों की बेहद गंभीर शिकायत की जांच तत्कालीन डीजे विजिलेंस अनुराधा शुक्ला द्वारा की गई थी। सुश्री शुक्ला भी बाद में हाईकोर्ट जज के रूप में पदोन्नत हुईं थीं। श्री सिंह के विरुद्ध नरसिंहपुर, सिंगरौली में भी तमाम शिकायत का दावा अनिल त्रिपाठी ने किया। कमोबेश ऐसे ही कतिपय आरोपों के साथ धार के प्रधान जिला जज श्री सैयाम की शिकायत भी हाईकोर्ट प्राप्त हुई जिसकी जांच के बाद उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है। न्यायिक गरिमा और जन विश्वास के दृष्टिगत रख उन आरोपों को और शिकायत के साक्ष्यों को यहां प्रकाशित नहीं कर मीडिया अपनी जवाबदेही का निर्वहन करने का प्रयास ही कर रहा है जिनका विवरण जांच प्रतिवेदन में किया गया।