भोपाल। 
करोड़ों रुपये के चेक बाउंस मामले में इंदौर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने भोजपुर से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। विधायक पटवा ने गुरुवार को अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखा, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है।
क्या है पूरा मामला?
इंदौर की एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश देव कुमार ने करोड़ों रुपये के चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में विधायक सुरेंद्र पटवा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अदालत ने उन्हें 19 सितंबर तक पेश होने का आदेश दिया था। हालांकि, विधायक पटवा एक दिन पहले ही अपने वकील के साथ कोर्ट में पेश हुए।
कोर्ट से मिली जमानत
अदालत में पेश होने के बाद, विधायक पटवा के वकील ने उनका पक्ष रखा। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए जमानत प्रदान कर दी। इस दौरान पटवा ने मीडिया से भी बातचीत की और पूरे मामले पर अपनी सफाई पेश की।
कारोबारी मुश्किलों का दिया हवाला
मीडिया से चर्चा के दौरान सुरेंद्र पटवा ने कहा कि साल 2016 में हुई नोटबंदी और उसके बाद कोरोना महामारी के कारण देश के व्यापारियों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि उनका व्यवसाय महिंद्रा एंड महिंद्रा, पॉलीमर और फार्मा से जुड़ा है, जिसमें उन्हें भी गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पटवा ने जोर देकर कहा कि यह केवल उनकी समस्या नहीं है, बल्कि देश के हजारों कारोबारी इस दौर से गुजरे हैं। उन्होंने कहा, "जब भी जरूरत पड़ी है, मैंने हमेशा भुगतान किया है और आगे भी अपनी देनदारियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।"
न्यायपालिका पर जताया भरोसा
विधायक पटवा ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में उन्हें उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) मिला हुआ है और सुप्रीम कोर्ट में भी मामले की सुनवाई चल रही है। उन्होंने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा, "अदालत का जो भी फैसला होगा, मैं उसका पूरा सम्मान करूंगा।" उन्होंने इस पूरे प्रकरण को एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया और कहा कि जल्द ही सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।