भोपाल। 
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सादगी और शालीनता का असर अब पार्टी पदाधिकारियों पर दिखाई देने लगा है। कुछ समय पहले पार्टी के जो पदाधिकारी लग्जरी गाड़ियों से कार्यालय पहुंचते थे। वे अब स्कूटी से कार्यालय आते देखे गए हैं। कुछ समय पहले तक जिन नेताओं की गाड़ी परिसर में मुख्य द्वार पर ठहरती थी, वे अब कार्यालय परिसर के बाहर ही वाहन से उतरकर पैदल आते दिखते हैं। हाल के दिनों में मप्र भाजपा के नेताओं की दिनचर्या में आए बदलाव की चर्चा भी जोरों पर हैं।दरअसल, मप्र भाजपा के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल शानो-शौकत से दूर रहते हैं। वे सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि वे न तो गनमैन रखते हैं और न ही कार्यकर्ताओं के भीड़ साथ लेकर चलने में भरोसा रखते हैं। खंडेलवाल खुद की गाड़ी से चलते हैं। खास बात यह है कि विधायक के नाते छूट की पात्रता होने के बावजूद भी वे वाहन पर फास्टटैग लगा​कर चलते हैं। पार्टी कार्यालय में जब खंडेलवाल होते हैं तब न तो किसी को मिलने के लिए इंतजार करना पड़ता है और न ही अपाइंटमेंट लेना पड़ता है। प्रदेशाध्यक्ष की इसी 'सादा जीवन उच्च विचार' जैसी जीवन शैली का असर पार्टी पदाधिकारियों पर भी दिखाई दे रहा है। पार्टी की ओर से कुछ पदाधिकारियों को वाहन एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध
कम दिखने लगे होर्डिंग्स
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में अपने जन्मदिन पर होर्डिंग्स-बैनर नहीं लगाने का आह्वान किया। जिसका असर यह हुआ कि अब अन्य दूसरे नेताओं के जन्मदिन पर भी होर्डिंग्स दिखना कम हो गए हैं। पार्टी कार्यालय परिसर में किसी भी नेता को बधाई देने के होर्डिंग्स नहीं है। राजधानी में जहां जगह-जगह बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगते थे, वे अब कम दिखाई दे रहे हैं। सामान्यतः भाजपा में ऐसी परंपरा रही है कि जो पदाधिकारी आर्थिक रूप से सक्षम हैं, वे पार्टी से कोई सुविधा नहीं लेते हैं। लेकिन हाल ही में कुछ पदाधिकारियों ने नई परंपरा शुरू कर दी। विलासी जीवन शैली के आदी नेताओं ने पार्टी द्वारा उपलब्ध कराए गए पुराने वाहनों को उपयोग में न लेते हुए लग्जरी वाहन किराए पर लेकर चलना शुरू कर दिया। बताया गया कि इन वाहनों का किराया भी पार्टी से चुकता किया जाता रहा है। जिस दिन प्रदेशाध्यक्ष कार्यालय में होते हैं, उस दिन एक प्रदेश पदाधिकारी स्कूटी से कार्यालय आते हैं। कुछ पदाधिकारी बाहर ही गाड़ी से उतरकर कार्यालय आते हैं।