शिवराज ने जिसे बंद किया वो विभाग शुरू करेंगे मोहन:सीपीए करेगा मेट्रोपॉलिटन रीजन के काम; सीएम सचिवालय में एक साल अटकी रही फाइल
भोपाल।
राजधानी परियोजना प्रशासन यानी कैपिटल प्रोजेक्ट एडमिनिस्ट्रेशन (सीपीए) के पुनर्गठन को लेकर अब तक जो असमंजस बना था, वो दूर हो गया है। सीपीए फिर से शुरू होगा, मगर नए स्वरूप में। सीपीए को भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया को डेवलप करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री को करना है। दरअसल, सीपीए को तीन साल पहले तत्कालीन शिवराज सरकार ने बंद कर दिया था। सीपीए के जिम्मे जितने प्रोजेक्ट थे, वो तीन विभागों में बांट दिए थे। पिछले साल अगस्त में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्कालीन शिवराज सरकार का फैसला पलटते हुए इसे फिर से शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद से सीपीए को शुरू करने की फाइल एक साल से नगरीय प्रशासन विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय में घूम रही थी। 2 सितंबर को एक बार फिर नगरीय प्रशासन विभाग ने अपने सुझाव के साथ इसे सीएम ऑफिस भेजा है। इसमें लिखा है कि मेट्रोपॉलिटन एरिया को देखते हुए सीपीए को शुरू किया जा सकता है। जानिए, सीपीए क्यों बंद हुआ था? इसे शुरू करने की कवायद क्यों की गई और अब नई भूमिका में सीपीए का क्या काम होगा?
एक झटके में कैसे बंद हुआ था राजधानी परियोजना प्रशासन
20 अगस्त 2021 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राजधानी भोपाल की खस्ताहाल सड़कों को लेकर समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस बैठक में उन्होंने पीडब्ल्यूडी, सीपीए, नगर निगम से जुड़े तत्कालीन अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी। उस मीटिंग में शिवराज ने अधिकारियों से कहा था कि आखिर सड़कें खराब हो गईं, ये नौबत आई ही क्यों? आप लोग क्या कर रहे थे?जब अधिकारियों ने सफाई देनी चाही तो शिवराज ने उन्हें टोकते हुए कहा था कि बहाना नहीं चाहिए। ये काम पहले कराने का क्यों नहीं सोचा? इतनी सारी एजेंसियां आखिर करती क्या है? बैठक में जब अधिकारियों ने बताया कि भोपाल की सड़कों को बनाने और उनके रखरखाव का जिम्मा अलग-अलग एजेंसी के हवाले है। इन एजेंसियों में राजधानी परियोजना प्रशासन भी सड़कों का काम देखता है, तो शिवराज ने बिना देर गंवाए कहा था कि इसे तत्काल खत्म करो। इसकी कोई जरूरत नहीं है। इस ऐलान के बाद सीपीए को बंद करने की कवायद शुरू हुई। करीब 196 दिन बाद यानी 6 महीने बाद 3 मार्च 2022 को कैबिनेट बैठक में सीपीए को बंद करने के फैसले पर मुहर लगी और उसके 28 दिन बाद 31 मार्च 2022 को सीपीए पूरी तरह बंद हो गया था।

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