भोपाल। 
देश भर में कांग्रेस की कमजोर नब्ज को थामकर संगठन सृजन अभियान के साथ पार्टी को मजबूत करने में जुटे राहुल गांधी का अब ट्रेनिंग पर जोर है. मध्य प्रदेश में विधायकों की ट्रेनिंग हो चुकी है. अब निगाह 71 जिलों में बनाए गए अध्यक्षों पर है. मध्य प्रदेश समेत वो राज्य जहां किलेदार बने नेताओं ने अपने-अपने हिस्से की कांग्रेस खड़ी कर ली थी. ऐसे राज्यों में पार्टी नेताओं की नाक के नीचे से कार्यकर्ताओं को निकाला जाएगा और संगठन के साए में खड़ा किया जाएगा.
मध्य प्रदेश से हो सकती है शुरुआत
कांग्रेस में पॉवर सेंटर बनाए गए जिलाध्यक्षों को मंडल बूथ से लेकर प्रदेश तक पार्टी को कैसे चार्ज रखें ये ट्रेनिंग देने की तैयारी है. और माना जा रहा है दिग्गज कांग्रेसियों की जमीन रहे मध्य प्रदेश से पार्टी इन ट्रेनिंग कैम्प की शुरुआत कर सकती है.
कांग्रेस के पॉवर सेंटर्स को चार्ज करने का प्लान
राहुल गांधी के संगठन सृजन अभियान में कई महीनों की कवायद से जो जिलाध्यक्ष चुने गए हैं. ये जिलाध्यक्ष पार्टी का पॉवर सेंटर हैं. कांग्रेस के मजबूत संगठन के लिए अब इन्ही पॉवर सेंटर्स को चार्ज किए जाने की कवायद शुरु हो रही है.
पचमढ़ी में होगा 10 दिन का कैंप
जानकारी के मुताबिक माण्डू में हुए विधायकों के प्रशिक्षण वर्ग के बाद अब कांग्रेस पचमढ़ी में जिलाध्यक्षों का ट्रैनिंग कैंप लगाने जा रही है. ये कैंप 10 दिन का रहेगा. इस आवासीय कैंप में प्रदेश भर के कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की 360 डिग्री पर ट्रेनिंग होगी.
ट्रेनिंग में होगा हर विषय शामिल
जिसमें संगठन की मजबूती के साथ बूथ की ताकत और कार्यकर्ताओं से व्यवहार हर विषय को क्लास का हिस्सा बनाया जाएगा. सोशल मीडिया के इस्तेमाल की ट्रेनिंग के अलावा कार्यकर्ताओं को जोड़े रखने उनसे कैसा बर्ताव हो. कार्यकर्ता से लेकर पार्टी के दिग्गज नेताओं तक समन्वय कैसे बिठाना है ये भी ट्रेनिंग का हिस्सा होगा.
कांग्रेस में जिले से लेकर बूथ तक चलेंगे ट्रेनिग प्रोग्राम
कांग्रेस मध्य प्रदेश जैसे राज्य में बीजेपी के मजबूत संगठन से ही मात खाती रही है. लिहाजा पार्टी अब बूथ स्तर तक कांग्रेस के कार्यकर्ता की फौज खड़ी करने के साथ उन्हें चुनाव से पहले ट्रेंड करेगी.
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता पिरोज सिद्दीकी कहते हैं कि "चरणबद्ध तरीके से ये कार्यक्रम पार्टी में चल रहा है. विधानसभा के सत्र से पहले विधायकों की ट्रेनिंग माण्डू में हुई थी. अब इसके बाद जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके बाद बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं को तैयार किया जाएगा. ट्रेनिंग में महत्वपूर्ण हिस्सा इस बात का होगा कि कैसे जनता तक मजबूत पहुंच हो. बूथ तक कैसे पार्टी का पूरा नेटवर्क मजबूती के साथ चुनाव तक जनता के मुद्दों को आवाज देता हुआ खड़ा रहे."
जिलाध्यक्षों को सिखाएंगे ताकत का सही इस्तेमाल कैसे हो
राहुल गांधी ने संगठन सृजन अभियान की शुरुआत में ही ये साफ कर दिया था कि जिलाध्यक्ष ही अब कांग्रेस की सबसे मजबूत कड़ी होंगे. जिले की गतिविधियों के अलावा भी एआईसीसी का एक मात्र संपर्क सूत्र भी उन्हें बनाया गया है. जो सीधे अखिल भारतीय कांग्रेस से संवाद कर सकेंगे.