मध्य प्रदेश में एक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं जो हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। इन अधिवक्ता के पारिवारिक संबंध एक विधायक से हैं। जिनके तमाम व्यवसाय हैं। इन दोनों के जो व्यक्तिगत संबंध है लंबे समय से उसकी  मिसाल दी जाती रही है। लेकिन पिछले लंबे  समय से विधायक की हरकतों से अधिवक्ता अजीज आ चुके। कई बार अधिवक्ता ने विधायक को समझाने की कोशिश की। गैर कानानूनी कामों  को ठीक करने का सुझाव भी दिया। लेकिन  विधायक का अहंकार उनके आड़े आ रहा था। अब खबर यह आ रही है कि पिछले 4 महीने पहले  वरिष्ठ अधिवक्ता ने इस विधायक का मोबाइल  ब्लॉक कर दिया है। 4 महीने से इनमें कोई  संवाद नहीं हुआ है। अब इस समय बताया जा  रहा है कि विधायक अपने व्यवसाय कारणों से  काफी परेशानी में है। परेशानी में नहीं  है। इस समय वे आफत में घिर चुके हैं। अब 4  महीने बाद जब उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता को  फोन लगाया तो पता चला कि उनका फोन तो 4 महीने से ब्लॉक पर है। अब वे कोशिश कर रहे  हैं कि वरिष्ठ अधिवक्ता इस संकट की घड़ी  में उनकी मदद करें। लेकिन वरिष्ठ अधिवक्ता  उनसे बात करने को भी फिलहाल तैयार नहीं  है। देखते हैं आगे क्या होता है। लेकिन इस  बात की ये जो सुनी सुनाई है इसे आप विंध्य और महाकौशल में चटकारे लेके लोग एक दूसरे  को सुना रहे हैं। तो यह खबर मुझ तक आई तो  मैंने भी आपको यह सुनी सुनाई सुनाने की  कोशिश की।