ऑफलाइन दफ्तर चला रहे मंत्रियों की खैर नहीं, ई-ऑफिस फॉर्म में नहीं, तो होगा एक्शन
भोपाल।
आम जनता को सहूलियत देने और प्रदेश के विकास की गति को बढ़ाने के लिए वर्षों से चल रही ई-ऑफिस की कवायद के बीच ज्यादातर माननीयों के लिए अफसर अभी भी ऑफलाइन फाइलें दौड़ा रहे हैं। कई मंत्रियों के यहां गिनी-चुनी फाइलों को छोड़ ज्यादातर फाइलें ऑफलाइन चल रही हैं। दूसरी तरफ मंत्रालय में मुख्य सचिव, सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्ष कार्यालय लगभग ई-ऑफिस पर शिफ्ट हो चुके हैं। कलेक्टरों के लिए भी सख्त निर्देश है कि वे ई-ऑफिस को अपना लें। ऐसा नहीं करने वालों को कार्रवाई के दायरे में लिया जाएगा। मंत्रियों (MP Ministers) के लिए कुछ परेशानी उनके दफ्तरों में ई-ऑफिस के लिए दक्ष कर्मचारियों की कमी भी है। हालांकि मंत्रालय व जिलों के लिए कुछ माह पूर्व तकनीकी रूप से दक्ष मैनपावर टीम गठित करने के निर्देश दिए थे।
लेकिन ई-ऑफिस पर शिफ्ट तो होना पड़ेगा
विशेषज्ञों की मानें तो चुनौतियां अपनी जगह है लेकिन ई-ऑफिस सबसे बड़ी जरूरत है, जिसे काफी पहले अमल में लाया जाना चाहिए था, क्योंकि केंद्र सरकार का ज्यादातर काम ई-ऑफिस पर हो रहा है तो, कई कार्पोरेट कंपनियां व उपक्रम भी पूरी तरह ई-ऑफिस (e office system) से काम कर रहे हैं। ऐसे में कुछ विभागों व मंत्रियों द्वारा ऑफलाइन काम करना या कराना, मुश्किलों भरा हो सकता है।

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