भोपाल / नई ​दिल्ली। 
मप्र में कांग्रेस के नव सृजन में चुने गए 71 जिलाध्यक्षों को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस की असली ताकत बताया। राहुल गांधी ने नई दिल्ली में एआईसीसी मुख्यालय में हुए कार्यक्रम में प्रदेश के चुने हुए जिलाध्यक्षों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जो जिला अध्यक्ष अच्छा प्रदर्शन करेंगे, वे आगे बढ़ेंगे। आगामी 2028 में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रत्याशियों के चयन में जिलाध्यक्षों की भूमिका अहम होगी। जिले में चाहे कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, उसे जिलाध्यक्ष की बात माननी होगी। अपवाद स्वरूप ही बड़े नेताओं से बात की जाएगी।
कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने वाला हो
राहुल ने कहा कि कांग्रेस संगठन सृजन अभियान में तय हुआ था कि जो व्यक्ति कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने वाला हो उसे चुना जाएगा। चाहे उसने जिलाध्यक्ष के लिए आवेदन न किया हो या नहीं। हमारे पर्यवेक्षकों की राय पर ऐसे अध्यक्ष चुने गए हैं जो जिले में ताकतवर हैं। बैठक में प्रदेश से सभी चुने गए 71 जिलाध्यक्ष दिल्ली पहुंचे, जिस पर गांधी ने सभी को धन्यवाद दिया।
खरगे बोले- वोट चोरी की साजिशों को बेनकाब करें
कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी नव नियुक्त जिलाध्यक्षों को कांग्रेस के सिद्धांतों, संगठन की मजबूती और लोकतंत्र की रक्षा के लिए मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर भाजपा की वोट चोरी की साजिशों को बेनकाब करेंगे और जनता के विश्वास की लड़ाई जीतेंगे। खरगे ने कहा कि अपनी वोटर लिस्ट की गहन जांच करते रहना होगा, ताकि अगर भाजपा के लोग या बीएलओ हमारे लोगों के नाम काटें तो हम उन्हें तुरंत पकड़ लें।
ब्लॉक कमेटी मजबूत करें

  • जिलाध्यक्ष अपने अधीन ब्लॉक कमेटी को मजबूत करें। मंडल और बूथ कमेटियां बनाते समय ध्यान रखें कि ये सभी लोग पार्टी के प्रति वफादार हों।
  • मप्र में 2023 के विधानसभा चुनाव में 27 सीटें ऐसी थीं जहां वोट चोरी हुई। 7 महीने में चार लाख वोटर बढ़ाए गए, वहीं दो महीने में 16 लाख वोट बढ़ गए।
  • चुनी हुई जिले की कार्यकारिणी कांग्रेस की विचारधारा से न हिले। कोई उन्हें प्रलोभन दे तो उसमें न आएं। कांग्रेस के ही लोग रहें, ऐसे लोग चाहिए।
  • प्रदेश में पिछली सरकारों के दौरान, बीच में बदलाव आया। मंत्री लोग अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष बनाने लगे। उस दौरान योग्यता और विचारधारा को दरकिनार किया गया।
  • हम बिना अपने संगठन को मजबूत किए सत्ता में वापसी नहीं कर सकते। इसके लिए जरूरी है कि जिलाध्यक्ष मजबूत हों, तभी संगठन मजबूत होगा।