भोपाल। 
राजधानी भोपाल में लव जिहाद और छात्र-छात्राओं को ड्रग्स सप्लाई करने के मामले में घिरे रसूखदार मछली परिवार पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। गुरुवार को मछली परिवार का रसूख कही जाने वाली तीन मंजिला कोठी को जमींदोज करने भारी पुलिस बल के साथ प्रशाशन के अधिकारी पहुंचे। स्थानीय लोगों ने मछली परिवार के साथ मिलकर भारी हंगामा किया, स्थिति तनाव की बनी हुई है। करीब छह हजार वर्ग फीट में तीन मंजिला कोठी का निर्माण तीन दशक पहले किया गया था। अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। विवाद को देखते हुए यहां सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने एक गाइडलाइन जारी की थी। इसके तहत रिहायशी इलाकों में बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई नहीं की जा सकती है। इस गाइडलाइन को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई को कुछ दिनों के लिए रोक दिया था। साथ ही प्रशासन ने शारीक मछली और उसके भाइयों को कोठी खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। बताया जा रहा है कि मछली परिवार सुनवाई के दौरान कोठी और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके पहले आरोपियों के कोकता में बने कारखाना, मदरसा, फार्म हाउस, मुर्गी फार्म, वेयर हाउस को जमींदोज करने की कार्रवाई की गई थी। उस समय सौ करोड़ रुपये जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था, जो प्रदेश की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
सुबह तक कार्रवाई को रखा गोपनीय
जानकारी अनुसार कागजों में पूरी तरह पुख्ता होने के बाद गुरुवार को कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। इसके पहले बुधवार देर रात तक अफसरों के बीच बैठकें हुईं। इस दौरान अवैध निर्माणों को तोड़ने की रणनीति तैयार की गई। इसे पूरी तरह गोपनीय रखा गया। गुरुवार को कोठी पर एक्शन के लिए कोकता पुलिस चौकी पर तीनों ही विभागों का अमले को बुलाया गया। यहां से मौके पर टीम के पहुंचते ही कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान अफसरों के मोबाइल की घंटियां बराबर बजती रहीं। खबर लिखे जाने तक निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।
कोठी से था मछली परिवार का रसूख  
बताया जा रहा है कि मछली परिवार का यहां खासा दबदबा है। सरकारी जमीन होने के बाद भी यहां मनचाहा निर्माण किया गया। करीब छह हजार वर्ग फीट जमीन पर बनी तीन मंजिला कोठी इस परिवार की शान थी। यहां नेता से लेकर अफसरों तक का आना-जाना था। कोठी से ही परिवार पूरी गतिविधियां संचालित करता था। इन लोगों ने रेस्टोरेंट, शॉपिंग काम्प्लेक्स, मदरसा, शादी हॉल, मैरिज गार्डन, फार्म हाउस सहित कई अन्य निर्माण कर लिए थे। फार्म हाउस में बड़ी-बड़ी पार्टियां आयोजित होती थीं, जिसमें बड़ी-बड़ी हस्तियां भी शिरकत करती थीं। इस परिवार का रसूख इतना था कि कभी इनके इन अवैध निर्माणों की जांच तक नहीं हुई। लव जिहाद और ड्रग्स का मामला सामने आने के बाद एक-एक कर इनके द्वारा खड़ी की गई इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। साथ ही तीन-चार दशकों से चला आ रहा रसूख भी मिट्टी में मिल गया।