​भिंड, सबकी खबर। 
मध्य प्रदेश में एक विधायक के साले की ताकत के सामने सब बौने  नजर आ रहे हैं। इसकी ताकत देखकर सब भौचक  भी हैं। दरअसल यह विधायक हैं भिंड जिले के  लहार से अमरीश शर्मा। और इनके साले का नाम  है सुधांशु द्विवेदी। सुधांशु द्विवेदी का  पता लहार का भी लिखा है। लेकिन वे मुंबई  में भी रहते पाए गए हैं। दिल्ली में भी  हैं। बहुत सारा बड़ा कारोबार है। लेकिन  सुधांशु द्विवेदी पे जो आरोप है वह यह है  कि उन्होंने इंदौर के एक व्यापारी के साथ  97 करोड़ की धोखाधड़ी की है। 97 करोड़  और इस व्यापारी ने मुंबई में इनकी एफआईआर  कराई थी। मुंबई की ईडी ने इन्हें गिरफ्तार  किया है और यह मुंबई की आर्थर रोड में बंद थे और वहां बड़ी परेशानी हो  ही  थी तो विधायक जी और उनके साले ने बैठ के एक स्क्रिप्ट तैयार की। ऐसा आरोप है।  बाकायदा पूर्व नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह ने भी लगाया है और लोग भी बोल रहे हैं कि कैसे उन्हें  मुंबई की जेल से मध्य प्रदेश की जेल में  लाया जाए। जहां उन्हें जेल में के बहाने  अस्पताल में रख दिया जाएगा और सुख सुविधाएं दे दी जाएंगी। इस पूरी योजना के  तहत 14 जुलाई को लाहार के थाने में एक  एफआईआर कराई गई। एक ग्वालियर की महिला ने  एफआईआर कराई के जेल जाने से पहले सुधांशु  ने और उनके साथी जो रवि गुप्ता हैं जो  सुधांशु के साथ मुंबई जेल में बंद हैं। इन  दोनों ने लाहार में उसके साथ दुष्कर्म  किया। एफआईआर दर्ज हो गई और लाहार थाने के जो टीआई हैं रवि शर्मा वे भागते हुए गए और मुंबई से सुधांशु द्विवेदी को ले आए।  उन्हें लहार कोर्ट में पेश भी किया और  रिमांड पर भी लिया। दो-तीन दिन उनकी खूब  खातेदारी हुई। उन्हें गेस्ट हाउस में रखा  गया और रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें  सामान्य तरीके से नहीं बाकायदा स्ट्रक्चर  में लेके गए। एंबुलेंस में ले गए। बोतलें चढ़ रही हैं और विधायक के साले की तबीयत बहुत ज्यादा नासाज हो गई है। तो कोर्ट ने  कहा कि ठीक है इनका मेडिकल बोर्ड से  परीक्षण करा लीजिए। इसी दौरान उन्हें  ग्वालियर के जे एच हॉस्पिटल में एडमिट कर दिया गया विधायक के साले साहब को। कोर्ट लगातार यह लिख रहा  है। इस आदेश को पढ़ के आप चौंक जाएंगे। किस तरह विधायक के साले को सुविधाएं दी जा रही  हैं। कैसे उनकी मदद की जा रही है। कोर्ट केआदेश की कॉपी में  साफसाफ लिखा गया है के लाहार टीआई रविंद्र  शर्मा और बीएमओ लाहार विजय शर्मा ने इनकी  अनुचित मदद की है और इन्हें तत्काल प्रभाव  से मुंबई जेल वापस भेजा जाए। अब आप सोचिए  इसके बाद में यह आदेश भी जारी हो गए हैं  और एंबुलेंस वगैरह भी तैयार कर दी गई।  लेकिन ग्वालियर का जो  हॉस्पिटल है उन्होंने अभी तक इनको छुट्टी  नहीं दी है ग्वालियर के डीन को फोन लगाया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। सोचने वाली बात हैं कि कितने ताकतवर हैं विधायक के साले कि उन्हें मुंबई न जाना पड़े। इसके लिए अब हाई कोर्ट  में आवेदन लगाया गया हैं। उनके बीमारी का तमाम  सर्टिफिकेट बनवाए जा रहे हैं। ऐसा खबर आ रही है। लेकिन फिलहाल यह तो तय हो गया है कि साले को बचाने सिर्फ जीजाजी ही नहीं भिंड की पुलिस और प्रशासन ने भी ऐड़ी चोटी का जोर लगा रखा है। कोर्ट ने लिखा है के ग्वालियर जेएच हॉस्पिटल के जो संचालक हैं  उन्हें बाकायदा शोकाज नोटिस जारी किया जाए और टीआई और वहां के जो ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर हैं उन पर बाकायदा कारवाई करके 8 अगस्त को  सूचित किया जाए। कोर्ट ने अगली तारीख 8 अगस्त लगाई है। फिलहाल विधायक के साले बहुत आराम में  है। एयर कंडीशन में हैं। जीएच हॉस्पिटल  में हैं। विश्राम कर रहे हैं। आश्चर्यजनक है। सभी लोग भौचक हैं। मीडिया वालों को जानकारी नहीं दी जा रही। बड़ी छन छन की आ रही है। बड़ी मुश्किल से तीन दिन बाद यह कागज हाथ आए हैं। वाकई इस तरह से यदि अपराधियों को संरक्षण मिलेगा तो हमारा  मध्य प्रदेश कहां जाएगा? हम सिर्फ सिर्फ खबर दिखा सकते हैं । बाकी कारवाई  करना कलेक्टर, एसपी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री तमाम जिम्मेदार  लोगों के हाथ में है। देखते हैं इस मामले में आगे क्या होता है।