भिंड। 
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में सुरपुरा प्रकरण में बंधक बनाकर पेशाब पिलाने के आरोपों के बीच अब मामला और गरमाने लगा है। सोमवार को ग्वालियर हाईकोर्ट के एडवोकेट अनिल मिश्रा बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ भिंड पहुंचे और एसपी कार्यालय में एडिशनल एसपी संजीव पाठक को ज्ञापन सौंपा। एडवोकेट मिश्रा ने कहा कि पुलिस ने बिना जांच के सवर्ण और ओबीसी समाज के युवकों पर झूठे केस दर्ज किए हैं।  उन्होंने आरोप लगाया — पुलिस भीम आर्मी के दबाव में काम कर रही है, निर्दोष युवकों को फंसाया गया है। बंधक बनाने और पेशाब पिलाने जैसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। मिश्रा ने कहा कि पुलिस ने जांच से पहले ही एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर तीन युवकों की जिंदगी बर्बाद कर दी है। वहीं दबोह क्षेत्र में कौरव समाज के लोगों के घर जलाने, बाइकें और कारें फूंकने की घटना के 36 घंटे बाद भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी — यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो सनातनी और सवर्ण समाज सड़कों पर उतरेगा।
एएसपी बोले — फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद होगा फैसला
एडिशनल एसपी संजीव पाठक ने ज्ञापन लेने के बाद कहा कि पेशाब संबंधी मामला फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। दबोह की घटना में शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।