एक साथ दो नौकरी, जनजातीय विभाग का चपरासी पंचायत में कंप्यूटर ऑपरेटर भी, ऐसे डकार गया 40 लाख
बैतूल।
बैतूल जिले के जनजातीय कार्य विभाग में पदस्थ एक भ्रत्य यानी चपरासी ने 40 लाख रुपए से अधिक का गबन कर दिया. यह घोटाला विभाग के छात्रावासों के बिजली बिल के नाम पर फर्जी वेंडर बनाकर किया गया.
दरअसल, जिले के चार ब्लॉकों में जनजातीय विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में बिजली बिल भुगतान के नाम पर फर्जी खाते खोले गए थे. इन खातों के जरिए चपरासी छत्रपाल मर्सकोले ने 40 लाख 4 हजार 67 रुपए का गबन किया. उसने बिजली विभाग के नाम पर फर्जी वेंडर बनाकर भुगतान जारी किया. जैसे ही मामला सामने आया, जिला प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच करवाई गई. जांच में घोटाला सिद्ध होने पर कलेक्टर ने छत्रपाल मर्सकोले समेत दो अन्य बाबुओं वर्षा कमाविसदार और नितेंद्र पांडे को निलंबित कर दिया.
एफआईआर दर्ज कराएगा विभाग
इसके आलावा जांच में एक चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि आरोपी छत्रपाल जनजातीय विभाग में चपरासी के पद रहते हुए जनपद पंचायत बैतूल में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम भी कर रहा था. जानकारी के अनुसार, छत्रपाल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. वहीं, दोनों बाबुओं की भूमिका संदिग्ध मानते हुए उन्हें शाहपुर बीईओ कार्यालय में अटैच कर दिया गया है. जिला प्रशासन ने अब इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है.

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