बीना में उपचुनाव तय! निर्मला सप्रे पर अयोग्यता की कार्रवाई का रास्ता साफ
भोपाल।
कांग्रेस की बीना से विधायक निर्मला सप्रे की विधायकी अयोग्य घोषित करने के मामले में अब कभी भी बडा फैसला हो सकता हैं। विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि अब बीना में उपचुनाव होना तय हो गया है। बजट सत्र के बाद निर्मला इस्तीफा नहीं देतीं हैं तो विस अध्यक्ष निर्मला का चुनाव अयोग्य घोषित कर सकते हैं इस तरह की खबरें सामने आ रही है। ज्ञात हो कि कांग्रेस ने अपनी ही पार्टी की विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। 2023 के दिसंबर में कांग्रेस ने निर्मला सपरे को विधानसभा चुनाव का टिकट दिया था। वे कांग्रेस के टिकट पर विधायक भी बनीं। लेकिन मई 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री की सभा में पहुंचकर उन्होंने अचानक भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली। हालांकि देश में दलबदल कानून लागू है, इसके बावजूद निर्मला सपरे ने लगभग डेढ़ साल तक यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किस पार्टी की विधायक हैं। वे लगातार बीजेपी के कार्यक्रमों में शामिल होती रहीं, लेकिन अपने पार्टी पद की जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
इस मामले को पहले हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। प्रारंभ में यह मामला इंदौर कोर्ट में था, लेकिन इंदौर ने इसे निर्मला सपरे के क्षेत्र जबलपुर का मामला बताया। इसके बाद मामला जबलपुर पहुंचा और अब यह स्पीकर के संज्ञान में है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खुद स्पीकर के पास जाकर तमाम सबूत पेश किए। अब खबर है कि स्पीकर ने मन बना लिया है और उन्होंने निर्मला सपरे को संदेश भेजा है कि वे विधानसभा सत्र के बाद इस्तीफा दें। यदि ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें अयोग्य घोषित करने की कार्रवाई की जा सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि दलबदल कानून के बावजूद यह मामला यह दिखाता है कि राजनीति में शुचिता और पारदर्शिता को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। अब विधानसभा सत्र 6 मार्च को समाप्त होने के बाद इस मामले पर अंतिम निर्णय की संभावना है।

पत्नी के जाने से आहत युवक ने उठाया खौफनाक कदम, सुसाइड वीडियो से सनसनी
बलरामपुर में बुजुर्ग की मौत को लेकर चरणदास महंत ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को लिखा पत्र, SDM पर हत्या का आरोप
T20 World Cup 2026: शिवम दुबे ने नीदरलैंड के खिलाफ 66 रनों की तूफानी पारी खेली, धोनी की सीख बनी गेमचेंजर