'ट्रंप ने तंत्र-मंत्र कराकर मोदी जी का वशीकरण किया था', अयोध्या के परमहंस आचार्य का अनोखा दावा
अयोध्या।
देश में पहले ही सियासी पारा हाई चल रहा था. कहीं अमित शाह के पुतले जल रहे थे, तो कहीं भाजपा के नारे “सबका साथ, सबका विकास” पर सवाल खड़े किए जा रहे थे. इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले के बाद अयोध्या से ऐसा बयान सामने आया, जिसने राजनीति से लेकर सोशल मीडिया तक हड़कंप मचा दिया. बयान था इतना हैरान करने वाला कि लोग पूछने लगे, क्या अब देश की राजनीति व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के सहारे चल रही है? यह बयान दिया है अयोध्या के परमहंस आचार्य ने कैमरे के सामने उन्होंने जो कहा, वह सुनकर हर कोई चौंक गया. परमहंस आचार्य का दावा है कि ध्यान लगाने के दौरान उन्हें यह “ज्ञान” प्राप्त हुआ कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तंत्र-मंत्र के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वशीकरण करा दिया था.
'ट्रंपवा ने तंत्र-मंत्र कराया, हमने वैदिक पाठ किया'
परमहंस आचार्य ने कहा कि हमने ध्यान लगाया तो पता चला कि अमेरिका का राष्ट्रपति ट्रंपवा ने तंत्र-मंत्र कराकर मोदी जी का वशीकरण किया था. आज हमने वैदिक पाठ किया है, उससे अब मोदी जी पर कोई वशीकरण असर नहीं करेगा.' यहीं नहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से निवेदन भी कर डाला कि ऐसा कोई कानून न बनाया जाए जिससे देश का विकास रुक जाए और हिंदू आपस में लड़ने लगें. उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या से लगातार मोदी जी के लिए पाठ किया जाएगा ताकि उन पर किसी भी तरह के तंत्र-मंत्र का प्रभाव न पड़े।
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का ‘ज्ञान’?
इस पूरे बयान के पीछे की कहानी और भी दिलचस्प है. दरअसल, सोशल मीडिया पर एक फर्जी पोस्टकार्ड वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हवाले से यह दावा किया गया कि प्रधानमंत्री मोदी पर तंत्र-मंत्र किया गया है. इसी वायरल दावे को परमहंस आचार्य ने बिना किसी पुष्टि के कैमरे के सामने दोहरा दिया.
कौन हैं परमहंस आचार्य?
परमहंस आचार्य अयोध्या के रहने वाले एक हिंदू संत हैं, जो अपने विवादित और चौंकाने वाले बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं. वे खुद को धर्म और सनातन परंपरा का प्रवक्ता बताते हैं, लेकिन कई मौकों पर उनके बयान सोशल मीडिया और न्यूज़ प्लेटफॉर्म पर विवाद की वजह बन चुके हैं. राजनीतिक मुद्दों, कोर्ट के फैसलों और राष्ट्रीय नेताओं को लेकर उनके बयान अक्सर सुर्खियों में आते हैं. परमहंस आचार्य को लेकर यह भी कहा जाता है कि वे मीडिया में बने रहने के लिए अतिवादी और सनसनीखेज टिप्पणियां करते हैं. उनके समर्थक उन्हें धर्मगुरु मानते हैं, जबकि आलोचक उनके बयानों को भ्रामक और प्रचार आधारित बताते हैं.

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