अशोकनगर । 
आथिक तंगी से जूझ रही चंदेरी नगरपालिका  ने अपना भार कम करने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। इस संबंध में मंगलवार को नगरपालिका कार्यालय में परिषद की बैठक आयोजित की गई। जिसमें विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, सीएमओ प्रदीप शर्मा, सहित परिषद के अनय सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान नपा ने 153 दैनिक वेतनभोगियों की सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया गया। 
कर्मचारियों ने किया विरोध
बैठक मे लिए गए निर्णय की जानकारी मिलते ही सभी कर्मचारी एकत्रित हो गए और उन्होंने नपा के इस फैसले का विरोध करना शुरु कर दिया। कर्मचारियों ने पूर्व विधायक गोपाल सिंह चौहान के निवास पर पहुंचकर इस मामले की जानकारी दी। दैनिक वेतनभोगियों का कहना था कि वह वर्षों से लगातार सेवा दे रहे है, इसके बावजूद उन्हें अचानक बाहर कर देना उनके साथ अन्याय करना है। वहीं परिषद का कहना है कि जिन कर्मचारियों को बाहर किया है, उनकी नगरपालिका को आवश्यकता ही नहीं थी। 
मूलभूत सुविधाओं पर पड़ सकता है असर
नागरिकों का कहना है कि इतने कर्मचारियों के बाहर होने से नगर की मूलभूत सेवाओं पर असर पड़ सकता हैं। वही सीएमओ प्रदीप शर्मा ने कहा कि इस निर्णय से नागरिकों को कोई असुविधा नहीं होगी। जब कर्मचारियों का काम ही नहीं हैं तो कोई दिक्कत नहीं हैं और जब आवश्यकता होगी, जैसे किसी पद पर कोई व्यक्ति नहीं हैं तो उसके लिए आउट सोर्स से कर्मचारी की व्यवस्था की जाएगी। 
आर्थिक बोझ को देखते हुए लिया फैसला- सीएमओ
यह निर्णय परिषद की बैठक में लिया गया हैं और सामूहिक सहमति से लिया गया है। परिषद पर भारी आर्थिक बोझ को देखते हुए फैसला लिया है। वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है। यह कर्मचारी नियमानुसार नहीं रखे गए थे. बेक डोर इंट्री थी और नगरपालिका में इतने लोगों की आवश्यकता भी नहीं हैं।

-प्रदीप शर्मा, सीएमओ नगरपालिका चंदेरी