ज्योतिरादित्य सिंधिया का सवाल- पार्षद पति, जिला पंचायत पति और महापौर पति जैसे संबोधन क्यों
अशोकनगर।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने महिलाओं को उनके अधिकार के प्रति जागरूक होने पर जोर दिया. जनप्रतिनिधि महिला बनती है तो उसके नाम के आगे पति जैसे संबोधन प्रचलन में हैं, इसे बंद किया जाना चाहिए. गुरुवार को स्थानीय माधव भवन में आयोजित रेवा शक्ति अभियान, हृदय अभियान और एकल सेवा पोर्टल का शुभारंभ करने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उपस्थित महिला शक्ति को संबोधित करते हुए कहा "अब पार्षद पति, सरपंच पति, जिला पंचायत पति और अध्यक्ष पति जैसी प्रथाओं को समाप्त करना होगा. महिलाओं को अपना हक खुद अपने हाथों में लेना होगा."
नारी शक्ति को प्रथम पंक्ति में लाने का संकल्प
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार पहले दिन से नारी सशक्तिकरण के लिए समर्पित है. उज्ज्वला योजना और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आज तकनीक का उपयोग कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. जब महिलाएं प्रथम पंक्ति में आती हैं तो पुरुष अक्सर उन पर काबिज होने की कोशिश करते हैं, इसलिए हमें यह मानसिकता बदलनी होगी." गौरतलब है कि कई बार देखने में आया है कि महिलाओं के पद पर उनके पति हावी रहते हैं. बैठक में भी पति उसी अधिकार से भाग लेते हैं.
दूसरी पंक्ति में महिलाओं को धकेलना ठीक नहीं
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा "महिलाओं को दूसरी पंक्ति में धकेलने वाली यह परंपरा समाज के लिए ठीक नहीं है. ऐसी प्रथा को खत्म करके ही महिलाओं को सशक्त बनाया जा सकता है. जितनी ऊंची बेटियों की उड़ान होगी, उतना ही उज्ज्वल भारत का भविष्य होगा. रेवा शक्ति अभियान के तहत केवल एक या दो बेटियों वाले परिवारों का पंजीयन किया गया है. इन्हें विशेष डिजिटल कार्ड देकर शिक्षा शुल्क में छूट, स्वास्थ्य सेवाओं में प्राथमिकता, छात्रवृत्ति, किराए में रियायत और सामाजिक सम्मान जैसी सुविधाएं दी जाएंगी. अब तक जिले में 4,700 कुपोषित बच्चों की पहचान की गई है, जिनमें से 4,400 बच्चों को सुपोषित करने का लक्ष्य रखा गया है."
हृदय अभियान मे 2100 गर्भवती को मिला लाभ
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा "हृदय अभियान के तहत अब तक 2,100 गर्भवती माताओं का पंजीयन और 2,000 बच्चों का कुपोषण प्रबंधन किया गया है. कुपोषण बीमारी नहीं बल्कि सामाजिक व्यवस्था की कमी है, जिसका समाधान समाज मिलकर करेगा." एकल सेवा पोर्टल का शुभारंभ करते हुए सिंधिया ने कहा "यह पोर्टल लोगों को सरकारी सेवाओं तक पारदर्शी, सुरक्षित और समय पर पहुंच सुनिश्चित करेगा. इससे पात्र नागरिकों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचेगा और आवेदन का समय पर निराकरण होगा."

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