अशोकनगर।
मध्यप्रदेश में प्रशासनिक एवं अधिकारियों के काम करने में किस तरह लापरवाही बरती जाती है जिसका जीता जागता उदाहरण अशोकनगर जिले में देखने को मिला जहां पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को जनसुनवाई में ग्रामीण द्वारा पानी की समस्या को लेकर दिए आवेदन में ग्रामीण में सिंधिया से हेड पंप की मांग की थी लेकिन जब केंद्रीय मंत्री का बधाई पत्र उस ग्रामीण के पास पहुंचा तो उसमें विभाग की ओर से संलग्न प्रमाणीकरण में बेल्ट प्रदान करना बताया गया जिसे देख ग्रामीण चौंक गया।
उल्लेखनीय की केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा लगातार लोगों के निराकरण के लिए शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ऐसे में 4 अप्रैल को कचनार में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में स्थानीय निवासी गेंदालाल अहिरवार ने बस्ती में पानी की समस्या को लेकर आवेदन दिया था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट लिखा था कि उन्हें नवीन हैंडपंप लगवाना है जहां उन्हें 58 नंबर टोकन दिया गया था। उनकी शिकायत पर विभाग ने तुरंत कार्रवाई कर दी और इसकी सूचना केंद्रीय मंत्री के कार्यालय दिल्ली पहुंची, जहां दिल्ली से बधाई पत्र जब गेंदालाल के पास पहुंचा तो उसमें कमर दर्द ठीक करने का बेल्ट देने की बात लिखी हुई थी।
अधिकारियों ने हैंडपंप के बजाय कमर दर्द का बेल्ट दे दिया

  • केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से हैंडपंप की मांग
  • कचनार जनसुनवाई में गेंदालाल ने सिंधिया को आवेदन दिया
  • उसके पास सिंधिया का बधाई पत्र आया तो हैरान रह गया
  • उसे कमर दर्द के लिए 'लम्बर बेल्ट' प्रदान करने बधाई मिली
  • आवेदक गेंदालाल ने बताया उसने तो हैंडपंप मांगा था

जमीन पर नहीं निराकरण, मॉनिटरिंग पर सवाल
प्रशासन की इस गलत रिपोर्टिंग एवं सिस्टम में बैठे अधिकारियों के कार्य करने के तरीके पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। 16 अप्रैल को गेंदालाल के घर भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री का पत्र जिस पर मंत्री के हस्ताक्षर थे आया था। वही संबंधित विभाग द्वारा इसमें प्रमाणीकरण भी लगाया हुआ था, जिसमें कमर दर्द का बेल्ट प्रदान करना बताया गया। गेंदालाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जो मांग उन्होंने केंद्रीय मंत्री से की थी, उसका निराकरण ही नहीं हुआ।
कमर दर्द से राहत के लिए बेल्ट की मांग की थी
प्रशासन द्वारा इस मामले में बताया गया है कि आवेदक गेंदालाल अहिरवार टोकन नम्बर 58 द्वारा केन्द्रीय मंत्री के समक्ष आवेदन पत्र प्रस्तुत कर कमर बेल्ट उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। जिसे सामाजिक न्याय विभाग द्वारा कमर बेल्ट प्रदाय कर प्रमाणीकरण प्रस्तुत किया गया था। प्रमाणीकरण एवं आवेदन पत्र कचनार जनसुनवाई की गूगल शीट में दर्ज किया गया है। इसी आधार पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा संबंधित आवेदक को बधाई पत्र प्रेषित किया गया है। जिस गेंदालाल अहिरवार निवासी कचनार का उल्लेख किया गया है। उसका नाम गेंदा पुत्र टुण्डा है। जिसका टोकन नम्बर 58 से कोई संबंध नहीं है। टोकन नम्बर 58 पर गेंदालाल पुत्र जलमा निवासी ग्राम मूडरा कचनार अंकित है, जिसके द्वारा कमर बेल्ट की ही मांग की गई थी। साथी उन्होंने बताया कि यह गलती गेंदा पुत्र टुण्डा के द्वारा उक्त आवेदन को जनसुनवाई स्थल पर किसी भी प्राप्ति काउण्टर पर जमा नहीं कराया गया और न ही उक्त आवेदन पर कोई टोकन नम्बर अंकित है और यह पूरी गलती नाम में समानता के कारण हुआ है।