अशोकनगर।
मध्यप्रदेश की राजनीति में वर्चस्व रखने वाले वर्तमान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को 2019 में उनके ही लोकसभा क्षेत्र में एक शख्स ने चुनाव हरा दिया था। चुनाव हराने वाले शख्स का नाम था डॉक्टर केपी यादव। हालांकि 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में गुना लोकसभा से भारतीय जनता पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था। टिकट कटने के बाद जहां पार्टी के अंदर उनकी उपेक्षा की चर्चाएं तेज हो गई थी। वहीं बीच-बीच में शीर्ष नेतृत्व उन्हें दिलासा देता रहा।
जिले में फिर सक्रियता के निकल रहे मायने
ऐसे में एक बार फिर पूर्व सांसद केंद्र से लेकर जिले की राजनीति में सक्रिय नजर आ रहे हैं। 2019 में गुना लोकसभा में बीजेपी की टिकट पर सिंधिया के खिलाफ चुनाव जीतकर अपना लोहा मनवा चुके केपी यादव की सक्रियता के कई मायने निकाले जा रहे हैं। पूर्व सांसद केपी यादव का सिंधिया के भाजपा में आने के बाद पहले लोकसभा टिकट कटा और फिर उनके राजनीतिक उपेक्षा के साथ उनके राजनैतिक करियर को लेकर भी कई तरह की राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म था। लेकिन लंबे समय से राजनीतिक कार्यक्रम से दूर रहे पूर्व सांसद फिर सक्रिय हो गए हैं।
दिल्ली में बड़े नेताओं से मुलाकात
हाल ही में कुछ दिनों पहले पूर्व सांसद केपी यादव ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। वहीं नितिन गडकरी और लोक सभा अध्यक्ष ओम बिडला से मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी। अब दिल्ली से लौटने के बाद केपी यादव जिले के राजनीतिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय हो गए हैं। जहां एक दिन पूर्व मुंगावली के कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए तो दूसरे दिन भी मुंगावली के कई पार्टी कार्यकर्ताओं सहित समाज सेवियों के घर जाकर मुलाकात की।
मुख्यमंत्री से नजदीकी संगठन में पकड़
बताया जाता है कि पूर्व सांसद केपी यादव का भले ही गुना लोकसभा से टिकट कट गया हो लेकिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनके खास संबंध है। उनके व उनके परिवार के नजदीकियों की संगठन में पकड़ मजबूत बताई जाती है।