इंदौर।
मध्य प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर की कथित उपेक्षा को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर जमकर हमला बोला। उन्होंने वायरल बताए जा रहे पत्र के बहाने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि ढाई साल तक मंत्री रहने के बाद अब इंदौर की याद आना राजनीतिक मजबूरी को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस में 'स्लीपर सेल' को लेकर भी राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे लोगों की पहचान करना जरूरी है।
मोहन मंत्रिमंडल में प्रह्वाद पटेल,राकेश सिंह, विश्वास सारंग उपेक्षित: वर्मा
सज्जन वर्मा ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि मोहन मंत्रिमंडल में अकेले कैलाश विजयवर्गीय ही नहीं कई और मंत्री भी परेशान हैं।  सज्जन ने कहा कि प्रह्वाद पटेल,राकेश सिंह, विश्वास सारंग सहित 5 से 7 लोग उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। सज्जन ने कहा कि उन्होंने पहले भी कैलाश विजयवर्गीय को कहा है कि अगर उनकी नहीं सुनी जा रही है तो स्वाभिमान से इस्तीफा दे दो और स्वाभिमानी मर्द की तरह जिंदगी जियो। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि यदि कैलाश विजयवर्गीय को वास्तव में लगता है कि इंदौर की उपेक्षा हो रही है, तो उन्हें मंत्री पद पर बने रहने के बजाय इस्तीफा देकर शहर की आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में दूषित पानी, खराब सड़कें, ट्रैफिक अव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार समाधान देने में विफल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि मंत्रिमंडल में उनकी बात नहीं सुनी जाती, तो स्वाभिमान के साथ पद छोड़ देना चाहिए। वर्मा ने कैलाश को पितृ पर्वत पर जाकर बैठना चाहिए औऱ भगवान की सेवा करनी चाहिए। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को चुनौती देते हुए कहा कि एक मंत्री के कथित पत्र ने पूरी भाजपा को असहज कर दिया है और अब देखना होगा कि पार्टी इस पर क्या कार्रवाई करती है।