इंदौर।
मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री को कथित तौर पर लिखे गए उस पत्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें उन्हें पिछले ढाई वर्षों से असहयोग, उपेक्षा और विरोध मिलने की बात कही गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस कथित पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन्होंने यह खबर प्रकाशित की है, उनसे पूछा जाना चाहिए कि यह जानकारी किस आधार पर प्रकाशित की गई। राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाने वाले विजयवर्गीय के पास नगरीय विकास एवं आवास और संसदीय कार्य विभाग हैं। कथित पत्र के बारे में छपी खबर के बारे में पूछे जाने पर विजयवर्गीय ने संवाददाताओं से कहा कि आपको पता नहीं कहां से इस पत्र की जानकारी मिली है। आप उस समाचार पत्र वालों से ही पूछिए कि यह (पत्र) कहां से आया है और यह सही है या गलत?'' वहीं, राजस्थान के दौसा में हुए भीषण बस हादसे पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हादसे में घायल हुए लोगों के समुचित इलाज और मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भी इस दर्दनाक घटना से बेहद दुखी हैं और पूरे मामले की जानकारी लेकर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।