भोपाल। 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को एक बैठक में कहा कि कोविड काल से प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तरों में फाइव डे वर्किंग सिस्टम लागू है। अधिकारी-कर्मचारी चाहते हैं यह आगे भी लागू रहे तो बढ़े हुए काम के वक्त का भी पालन करें। यह सुनिश्चित करें कि सभी सरकारी दफ्तरों में सुबह 10 बजे से काम शुरू हो जाए और शाम 6 बजे तक काम चले। इसके लिए बायोमेट्रिक हाजिरी समेत अन्य तकनीक उपयोग की जाएं और अनुशासन के साथ दफ्तरों में जनता के काम किए जाएं। अन्यथा सरकार को इस फाइव-डे वर्किंग सिस्टम को बंद करने पर विचार करना पड़ेगा। यह बैठक संकल्प से समाधान अभियान को लेकर हुई थी। इसमें मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाना आदि मौजूद थे।
पात्र को सरकारी योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र सरकार अपने दो साल पूरे करने के बाद स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी से संकल्प से समाधान अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान 106 सरकारी योजनाओं पर केंद्रित होगा, इस दौरान इन योजनाओं से जुड़ी पेंडेंसी को पूरी तरह खत्म किया जाएगा, जरूरतमंद और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। सीएम ने कहा कि प्रदेश में विकास और उन्नति को गति देने के लिए मिशन मोड में काम करना होगा, लेकिन जनता की संतुष्टि सर्वोपरि है। इसलिए जनकल्याणकारी योजनाओं में सरकार किसी तरह की लापरवाही या हीलाहवाली सहन नहीं करेगी। हर पात्र व्यक्ति को सुगमता से सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।
कैंप लगाकर लोगों से लेंगे आवेदन, 31 मार्च तक समाधान
समाधान अभियान 12 जनवरी से शुरू होकर 31 मार्च तक चलेगा। जिला प्रशासन कैंप लगाकर आम जन से आवेदन लेगा और 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से सभी आवेदनों का निराकरण कराएगा। अभियान के पहले चरण में 12 जनवरी से 15 फरवरी तक सरकारी पेंडेंसी घर-घर जाकर आवेदन लेंगे। दूसरे चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च तक क्लस्टर स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। तीसरे चरण में 16 मार्च से 26 मार्च तक ब्लॉक स्तर पर लंबित आवेदन और शिकायतों का निराकरण किया जाएगा। चौथे चरण में जिला स्तर पर 26 मार्च से 31 मार्च तक शिविर लगेंगे। सीएम ने सभी विभाग प्रमुख अफसरों से कहा कि वे अपने विभाग की आगामी 5 वर्ष की कार्य योजना तैयार करें, राज्य सरकार अगले 3 वर्ष के बजट अनुमान की व्यवस्था कर रही है। सड़क, अस्पताल, सिंचाई परियोजना, सार्वजनिक भवन निर्माण की समेकित योजनाएं बनाकर उनका दस्तावेजीकरण कराएं।