हिंदू पैदा करें तीन बच्चे, देर से शादी और एक बच्चे की सोच ने खोखला किया समाज: बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा
भोपाल।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के 'हिंदुओं को दो से अधिक बच्चे पैदा करने' वाले बयान पर अब सियासत गरमा गई है। एक ओर जहां बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा हिंदुओं को अनिवार्य रूप से तीन बच्चे पैदा करने की सलाह दे रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर सरकार के गलियारों में नियमों को लेकर पेंच फंसा नजर आया। गौरतलब है कि मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार दो बच्चों संबंधी प्रतिबंधात्मक नियम को रद्द करने का प्रस्ताव लाने वाली थी, लेकिन तकनीकी खामियों और विधानसभा संबंधी नियमों के चलते इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया गया है।
इसलिए जरूरी बताए 3 बच्चे
रामेश्वर शर्मा ने भागवत के बयान का पुरजोर समर्थन करते हुए तर्क दिया कि हिंदू देर से शादी कर रहे हैं, जिससे कुटुंब खत्म हो रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग 5 से 25 बच्चे पैदा कर रहे हैं, उनसे देश को बचाने के लिए हिंदुओं का यह कदम जरूरी है। शर्मा के अनुसार, तीन बच्चे होना अपराध नहीं है, बल्कि इससे रिश्तों की मर्यादा और सामाजिक ढांचा सुरक्षित रहेगा।
दिग्विजय सिंह को दी नसीहत
विधायक शर्मा ने राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा शरजील इमाम की जमानत को लेकर दिए गए बयान पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ 'अर्बन नक्सल' अपनी बुद्धि के घमंड में न्यायपालिका और संविधान को चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने जेएनयू में लगे विवादित नारों का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि जो दूसरों की कब्र खोदने की बात करते हैं, वे अपनी कब्र का गड्ढा पहले सुनिश्चित कर लें।
'बुढ़ापे में तो सुधर जाओ'
रामेश्वर शर्मा ने दिग्विजय सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा, 'हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि कम से कम बुढ़ापे में तो सुधर जाओ।' उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह और राहुल गांधी पाकिस्तान के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के तहत आतंकवादियों को सम्मान देते हैं। शर्मा ने जनता को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि जो देश के खिलाफ बोलेगा, उसकी कब्र खोदना तय है।
दो बच्चों का नियम फिलहाल बरकरार
मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार एक क्रांतिकारी प्रस्ताव लाने जा रही थी, जिसमें सरकारी नौकरियों और अन्य लाभों में 'दो बच्चों' की अनिवार्यता संबंधी नियम को रद्द किया जाना था। हालांकि, अंतिम समय में तकनीकी खामियों और विधानसभा की नियमावली के पेंच के कारण इस प्रस्ताव को फिलहाल टाल दिया गया है। उम्मीद है कि सुधारों के बाद इसे आगामी बैठकों में पुनः लाया जाएगा।

एमपी में 2025 बैच के IAS अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रशासन को मिले नए चेहरे
किसानों के लिए खुशखबरी, 9 मई तक कर सकेंगे स्लॉट बुकिंग, खरीदी जारी
हीटवेव का कहर जारी, 10 राज्यों में अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी
मध्य प्रदेश में 'सूर्यदेव' के तेवर तल्ख: 44 डिग्री के पार पहुंचा पारा, 22 जिलों में 'लू' का अलर्ट