भोपाल। 
मध्य प्रदेश में सरकार के कैबिनेट मंत्री ने अफसरो को सख्त चेतावनी  दी है । काम मे लापरवाही बरतने को लेकर अधिकारियों को ये हिदायत दी गई है। दरअसल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सीधा कह दिया है कि अब लापरवाही पर ट्रांसफर नहीं बल्कि सीधा डिमोशन होगा।
अधिकारियों को पहले बड़े बकायादारों से वसूली करने के निर्देश
प्रदेश में बिजली के बिलों की बकाया राशि जमा कराने के लिए समाधान योजना चलाई जा रही है।  योजना का ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ऑनलाइन समीक्षा करते हुए प्रगति के बारे में जाना। इस मौके पर प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अधिकारियों को पहले बड़े बकायादारों से वसूली करने को कहा है।  उर्जा मंत्री ने कहा कि बिजली कंपनी की आर्थिक हालात को देखते हुए ये काम करना बहुत जरुरी  है।
काम में  लापरवाही पाई गई तो तबादले की बजाए सीधा डिमोशन
मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि  वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में जाने की आवश्कता है। इसी दौरान तोमर ने अफसरों को सख्त चेतावनी भी दे डाली। कहा कि अगर लक्ष्य  प्राप्त नहीं होते हैं और काम में कोई लापरवाही पाई जाती है तो अब तबादले की बजाए सीधा डिमोशन कर दिया जाएगा। वहीं इस मौके पर ऊर्जा विभाग के सचिव ने बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के कनेक्शन काटने के निर्देश दिए हैं । प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बैठक में कहा कि जिन भी उपभोक्ताओं के 2 लाख रुपए से अधिक की बकाया राशि है, उनसे मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता खुद बात करें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि समाधान योजना का पहला चरण 31 जनवरी तक चलेगा और अभी तक योजना में 578 करोड़ 22 लाख रूपए जमा हुए हैं। वहीं इसके साथ ही ऊर्जा मंत्री ने समाधान योजना को लेकर एक और बड़ी बात भी बोली है। उन्होंने कहा कि  अच्छा काम करने वालों को ईनाम दिया जाएगा। सबसे अच्छी उपलब्धि हासिल  करने वाले सर्किल अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।