'मैं झांसी लेकर रहूंगी', कौन बढ़ा रहा है उमा भारती की ताकत? ये बयान डिफेंस है या कॉन्फिडेंस
भोपाल।
जिस भारतीय जनता पार्टी में चुनाव के समय भी ये पता नहीं चलता कि कौन कहां से चुनाव लड़ेगा. उस पार्टी में उमा भारती ने लोकसभा चुनाव लड़ने की ख्वाहिश भर नहीं जताई. बल्कि उन्होंने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि 2029 के लोकसभा चुनाव में वे किस सीट से चुनाव लड़ेंगी. ये उमा भारती का आत्मविश्वास है या स्ट्रेटेजी. उमा क्यों कह रही हैं कि उन्होंने खुद चुनाव लड़ने से इंकार किया था. मैं अपनी झांसी लेकर रहूंगी. लोकसभा चुनाव के पूरे 3 साल पहले ऐसे बयान की टाइमिंग क्या कहती है. अपनी सालगिरह पर अपने मन की व्यथा कहते हुए ये बताने वाली कि मैं जिंदा हूं. आखिर वही उमा भारती ने मीडिया से इस बात के लिए नाराजगी क्यों जताई है कि आप ऐसा मत लिखिए कि मैं हाशिए पर हूं.
'मैं अपनी झांसी लेकर रहूंगी'
मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट करके झांसी से चुनाव लड़ने का एलान, फिर बयान और उसके बाद मीडिया के सामने तफसील से ये जवाब कि 2029 के लोकसभा चुनाव में एलानिया ही सही उमा ने अपने सियासी मैदान के लिए झांसी को ही क्यों चुना है. जिस बीजेपी में कार्यकर्ता भाव से काम कर रहे नेता को हिदायत होती है कि पार्टी जहां जो भूमिका दे उसके लिए तैयार रहना है. उस बीजेपी में उमा भारती के इस आत्मविश्वास की वजह क्या है. अपनी सालगिरह के मौके पर उमा भारती ने ही अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा था कि -"किसी रंजिश को हवा दो कि मैं जिंदा हूं अभी. मुझको अहसास दिला दो कि मैं जिंदा हूं अभी".
'उमा भारती की राजनीति अनप्रिडिक्टेबल रही है'
उमा भारती के इस बयान को राजनीति में उन्हें किनारे हो जाने के तौर पर देखा गया था और ये माना गया था कि उमा भारती वापसी के लिए अब छटपटा रही हैं, लेकिन अचानक जिस तरह से उन्होंने लोकसभा चुनाव में उतरने का ऐलान किया और फिर कहा कि मैदान झांसी ही होगा. वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रकाश भटनागर कहते हैं, "उमा भारती की राजनीति अनप्रिडिक्टेबल रही है. वो कब क्या फैसला लेंगी. ये अप्रत्याशित ही होता है हमेशा, लेकिन 3 साल पहले इस तरह का ऐलान इससे ज्यादा कुछ नहीं कि सिलेक्टर्स को कोई खिलाड़ी ये बता दे कि वर्ल्ड कप के लिए मैं एकदम फिट और तैयार हूं. टीम बनाने से पहले आप इस बात का ख्याल रख लीजिएगा.
चुनाव लड़ने को लेकर स्टैंड बदलती रहीं उमा
साल 2023 के मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले उमा भारती ने ऐलान किया था कि उन्होंने राजनीति नहीं छोड़ी है, वे अगला चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने कहा था कि "मैंने 5 साल का ब्रेक लिया है, क्योंकि मैं लंबे समय से काम कर रही थी, लेकिन मैं राजनीति नहीं छोड़ूंगी." 2024 के लोकसभा चुनाव में जब मध्य प्रदेश में बीजेपी के उम्मीदवारों का ऐलान हुआ था तो उसमें उमा भारती का नाम नहीं था. तब भी उमा भारती ने कहा था कि मैंने खुद ही चुनाव को लेकर अनिच्छा जता दी थी. उन्होंने कहा था कि गंगा के काम के लिए उन्होंने दो साल और चुनाव नहीं लड़ने का फैसला ले लिया था. उमा ने कहा था कि अयोध्या में ही पार्टी के एक वरिष्ठ राजनेता को उन्होंने इत्तला कर दी थी कि वो गंगा के काम में जुटनेकी वजह से आगे दो साल चुनाव लड़ने में असमर्थ हैं.

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