छतरपुर। 
छतरपुर शहर में सोमवार को दो घंटे तक हड़कंप मचा रहा. लोग उस समय अचरज में पड़ गए, जब केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक ट्राईसाइकिल पर खुद ड्राइव कर घूमते मिले. उनके पीछे-पीछे पुलिस दौड़ रही थी. वीरेंद्र कुमार ने इतनी फुर्ती से ड्राइविंग की कि पुलिस उनके पीछे-पीछे भागती रही. आखिरकार पुलिस के जवान हांफने लगे लेकिन केंद्रीय मंत्री की टेस्टिंग जारी रही. इसके बाद केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने ट्राईसाइकिल खुद चलाने का उद्देश्य साझा किया.
कभी बस से सवारी तो कभी स्कूटर पर निकल पड़ते हैं
अपने सादगी भरे अंदाज के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक एक बार फिर चर्चा में हैं. वह कभी बस पर अकेले ही सफर पर निकल जाते हैं तो कभी पैदल बाजार में खरीददारी करने तो कभी अपनी टूटी चप्पल को सही करवाने के लिए मोची की दुकान पर पहुंच जाते हैं. इस बार केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ट्राई बैटरी ई-रिक्शा लेकर बाजार में निकल पड़े. केंद्रीय मंत्री के पीछे-पीछे पुलिस दौड़ती रही.
ट्राई-बैटरी वाहन दिव्यांगजनों को वितरित होंगे
केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार दीपावली के पूर्व अपने संसदीय क्षेत्र के छतरपुर शहर के बाजार में स्वयं ई-ट्राईसाइकिल चलाकर निकल पड़े. केंद्रीय मंत्री को ई-ट्राईसाइकिल पर देखकर लोग भी हैरान रह गए. वीरेंद्र कुमार अपनी मस्ती में अकेले ही ई-ट्राईसाइकिल पर बाजार में घूमते रहे. बाजार के अलावा छतरपुर के प्रमुख मार्गों पर केंद्रीय मंत्री ई-ट्राईसाइकिल से घूमे. शहर का पूरा भ्रमण करने के बाद पत्रकारों से केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा "ये ट्राई-बैटरी वाहन दिव्यांगजनों को वितरित किए जाएंगे.
दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण करना ही लक्ष्य
वीरेंद्र कुमार ने कहा "दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए सैंपल के रूप में ये ई-ट्राईसाइकिल लाई गई है. टेस्टिंग करने के लिए उन्होंने खुद इसे छतरपुर में बस स्टैंड, फव्वारा चौक से चौक बाजार, महल तिराहा, हटवारा होते हुए डाकखाने चौराहे तक सफर किया. इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों तक विशेषकर दिव्यांगजनों तक इस नई पहल की जानकारी पहुंच सके. इस वाहन का आगे चलकर दिल्ली में बड़ा प्रेजेंटेशन कार्यक्रम रखा जाएगा ताकि पूरे देश के सामने यह सशक्तिकरण का साधन लाया जा सके."