हरदा। 
मध्य प्रदेश के हरदा जिले की सिराली नगर परिषद में भाजपा पार्षद अपनी ही पार्टी की मौजूदा अध्यक्ष अनीता अग्रवाल को हटाकर 23 वर्षीय छात्रा पायल कुशवाहा को अध्यक्ष बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह प्रयास एक 'तख़्तापलट' की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, और यदि सफल होता है, तो पायल कुशवाहा सिराली की सबसे युवा नगर परिषद अध्यक्ष बन सकती हैं। पार्षदों ने जिला कलेक्टर को इस्तीफा सौंपकर अपनी मांग रखी है।
कोशिश सफल हुई तो बनेगा इतिहास
सिराली नगर परिषद में सियासी हलचल तेज है। भाजपा पार्षद अपनी पार्टी की नगर परिषद अध्यक्ष अनीता अग्रवाल को पद से हटाने का प्रयास कर रहे हैं। यदि यह कोशिश सफल होती है, तो पायल कुशवाहा सिराली की सबसे कम उम्र की नगर परिषद अध्यक्ष बनेंगी।
कलेक्टर को इस्तीफा देने पहुंचे पार्षद
पार्षदों ने 24 सितंबर को भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा से मुलाकात कर मौजूदा अध्यक्ष अनीता अग्रवाल को हटाने की मांग की थी। अब यह मामला अविश्वास प्रस्ताव तक पहुंच गया है। 13 अक्टूबर को पार्षद हरदा जिला कलेक्टर को इस्तीफा देने पहुंचे। पार्षदों की मांग है कि पायल कुशवाहा को अगला नगर परिषद अध्यक्ष बनाया जाए।
कौन हैं पायल कुशवाहा, जिनकी चर्चा है
पायल कुशवाहा खुद भी एक पार्षद हैं। उन्होंने 2022 में सिराली नगर परिषद के चुनाव में वार्ड 9 से निर्विरोध पार्षद का चुनाव जीता था। उस समय उनकी उम्र 21 साल 45 दिन थी। वर्तमान में वह 23 वर्ष की हैं और सिराली के शासकीय कॉलेज में राजनीतिक विज्ञान की पढ़ाई कर रही हैं। पायल कुशवाहा की प्रारंभिक शिक्षा उनकी बुआ के यहां नजरपुरा में हुई। कक्षा 8 से उन्होंने सिराली के शासकीय स्कूल में पढ़ाई की और कला संकाय से 12वीं पास की। पायल कुशवाहा भले ही सिराली की राजनीति में नई हों, लेकिन उनके परिवार में राजनीतिक पृष्ठभूमि रही है। उनकी माता सात साल तक जनपद सदस्य रह चुकी हैं। उनके पिता भोलाराम कुशवाहा भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता हैं। यदि पायल नगर परिषद अध्यक्ष बनती हैं, तो वह राजनीति में अपने माता-पिता से भी एक कदम आगे निकल जाएंगी।