मप्र के इतिहास में पहली बार एसडीओपी और थाना प्रभारी समेत 11 पुलिसकर्मियों पर डकैती की एफआईआर दर्ज
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सख्त कार्रवाई – DGP कैलाश मकवाना ने दिए निर्देश
सिवनी, सबकी खबर।
सिवनी हवाला लूटकांड में मध्यप्रदेश पुलिस के भीतर बड़ा धमाका हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर डीजीपी कैलाश मकवाना ने कार्रवाई करते हुए सीएसपी पूजा पांडे सहित 11 पुलिस कर्मियों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यह एफआईआर थाना लखनवाड़ा में अपराध क्रमांक 473/2025 के तहत दर्ज की गई है। आरोपियों पर बीएनएस की धारा 310(2) डकैती, 126(2) गलत तरीके से रोकना, 140(3) अपहरण/अपहरण, और 61(2) आपराधिक षडयंत्र के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि इन पुलिस अधिकारियों ने हवाला कारोबार से जुड़े धन को जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया था, जिसके बाद मामला प्रकाश में आया।
आईजी ने सिवनी एसपी को थमाया नोटिस
इस घटनाक्रम के बाद आईजी जबलपुर प्रमोद वर्मा ने सिवनी पुलिस अधीक्षक और एडिशनल एसपी को शो कॉज नोटिस जारी किया है।
आईजी ने सख्त सवाल उठाए हैं—
- हवाला कांड में बरामद हुआ पैसा आखिर किसका था?
- वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी जानकारी क्यों नहीं दी गई?
- संवाद और पारदर्शिता में लापरवाही क्यों बरती गई?
सूत्रों के अनुसार, यदि एसपी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो इस सप्ताह के भीतर ही बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।
जांच अब जबलपुर क्राइम ब्रांच के हवाले
पूरा मामला अब जबलपुर क्राइम ब्रांच के एडिशनल एसपी जितेन्द्र सिंह को सौंपा गया है। हवाला कारोबार से जुड़ी एफआईआर की डायरी जबलपुर कोतवाली से क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंच चुकी है, और अब वहीं से जांच की दिशा तय की जाएगी। यह मामला केवल सिवनी पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के पुलिस तंत्र की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कहा है कि “भ्रष्टाचार या अपराध में शामिल कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।”

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