भोपाल। 
छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत पर मध्य प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है। इसी क्रम में एक बार फिर पूर्व सीएम कमलनाथ ने पोस्ट करते हुए सरकार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में ज़हरीला कफ़ सिरप पीने से 21 बच्चों की मृत्यु के मामले में अब भी सरकार असंवेदनशील रवैये पर क़ायम है।
कमलनाथ ने कहा- मैंने सरकार से मांग की थी कि सभी मृत बच्चों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवज़ा दिया जाए। लेकिन अब तक इस मांग पर सरकार ने कार्रवाई करना तो दूर कोई प्रतिक्रिया तक व्यक्त नहीं की है। सरकार में किसी भी पदासीन व्यक्ति ने इस मामले की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा नहीं दिया है और न ही सरकार ने किसी से इस्तीफ़ा मांगा है। सरकार ने अब तक यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि प्रदेश में नक़ली दवाओं को लेकर वह किस तरह की कार्रवाई करना चाहती है? प्रदेश में नक़ली दवाओं के रैकेट का सूत्रधार कौन है यह भी प्रदेश की जनता नहीं जानती? इसके उलट, भाजपा की रणनीति यह दिखाई देती है कि समय के साथ लोग इस हादसे को भूल जाएं और परिजन अपने दुख के साथ अकेले छूट जाएं।