मप्र के डाकूओं जैसे पुलिसवालों पर गिरी गाज... 3 करोड़ की लूट में खाकी का दागदार चेहरा उजागर
सिवनी।
सिवनी जिले के बंडोल थाना क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर हवाला की रकम डकारने और व्यापारी के कर्मचारियों के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। मामला सामने आते ही जबलपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा ने नौ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। हवाला कांड में अब सिवनी की सीएसपी पूजा पांडे की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। पुष्ट सूत्रों के अनुसार, बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम के नेतृत्व में पुलिस ने सूचना के आधार पर महाराष्ट्र के एक ज्वेलर्स के कर्मचारियों से हवाला की करोड़ों रुपये की नकद राशि जप्त की थी। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की जानकारी तत्कालीन सीएसपी पूजा पांडे को भी थी और उनके निर्देश पर कुछ अधीनस्थ कर्मचारी भी मौके पर पहुँचे थे। जप्ती के बाद पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से कर्मचारियों से मारपीट की और रकम का बड़ा हिस्सा हड़पने की योजना बनाई। कर्मचारियों को धमकाकर भगा दिया गया, लेकिन जब व्यापारी को घटना की जानकारी मिली, तो उसने सिवनी कोतवाली में पुलिस पर ही लूट की शिकायत दर्ज कराई। घटना की भनक मीडिया को लगते ही हड़कंप मच गया। जब पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक से पूछताछ की, तो बताया गया कि जांच सीएसपी पूजा पांडे कर रही हैं। मीडिया ने प्रश्न उठाया कि जब उन्हीं के अधीनस्थ पुलिस हवाला कांड में शामिल हैं, तो जांच निष्पक्ष कैसे हो सकती है। इसके बाद उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सक्रिय हए और देर रात तक चली बैठको के
बाद उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सक्रिय हुए और देर रात तक चली बैठकों के बाद नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
निलंबित पुलिसकर्मियों की सूची
1. अर्पित भैरम, उप निरीक्षक, थाना प्रभारी बंडोल
2. माखन (प्रधान आरक्षक 203), एसडीओपी कार्यालय सिवनी
3. रविन्द्र उईके (प्रधान आरक्षक 447), रीडर, एसडीओपी कार्यालय सिवनी
4. जगदीश यादव (आरक्षक 803), एसडीओपी कार्यालय सिवनी
5. योगेन्द्र चौरसिया (आरक्षक 306), एसडीओपी कार्यालय सिवनी
6. रितेश (आरक्षक चालक 582), ड्राइवर, एसडीओपी कार्यालय सिवनी
7. नीरज राजपूत (आरक्षक 750), थाना बंडोल
8. केदार (आरक्षक 610), गनमैन, एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल
9. सदाफल (आरक्षक 85), गनमैन, एसडीओपी सिवनी, 8 वीं वाहिनी विसबल
आईजी प्रमोद वर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी नौ लिसकर्मियों को संदिग्ध आचरण के आरोप में निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता नियमानुसार दिया जाएगा और सभी को पुलिस लाइन सिवनी में उपस्थिति देना अनिवार्य होगा। सूत्रों के मुताबिक, सीएसपी पूजा पांडे की भूमिका भी इस प्रकरण में जांच के दायरे में है, क्योंकि कार्रवाई में उनके अधीनस्थ पुलिसकर्मी शामिल थे। उच्च अधिकारी जल्द ही इस मामले की स्वतंत्र जांच टीम गठित कर सकते हैं। पुलिस की छवि पर पड़े दाग को साफ करने के लिए अब बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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