मरने के बाद भी चैन नहीं... अब अंतिम संस्कार का सामान भी नकली, घंटों तक शव जलने का इंतजार करते रहे परिजन
जबलपुर।
मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है. यहां मिलावटखोरी का आलम ऐसा है कि अब अंतिम संस्कार में इस्तेमाल होने वाला सामान भी नकली बिक रहा है. एक दुकानदार ने शोकाकुल परिवार को असली “राल” की जगह रेत और मिट्टी पकड़ा दी, जिसकी वजह से श्मशान घाट में घंटों तक चिता नहीं जल पाई और मृतका के परिजन परेशान होते रहे.
श्मशान में परेशान रहा परिवार
यह दर्दनाक और हैरान करने वाला मामला बेलबाग थाना इलाके के तुलसी मोहल्ला का है, यहां की निवासी शगुन सोनकर नामक महिला का बुधवार को निधन हो गया था. परिजन उनकी अंतिम यात्रा की तैयारी कर गुरंदी बाजार स्थित ‘नेवन्द क्लॉथ स्टोर्स’ से अंत्येष्टि की सामग्री खरीदने पहुंचे. दुकान संचालक जीतू सावलानी ने उन्हें सारा सामान दे दिया. इसके बाद परिजन शव को लेकर करियापाथर मुक्तिधाम पहुंचे. यहां जब चिता को आग दी गई, लेकिन घंटों बीतने के बाद भी शव नहीं जल पाया.
जब परिजनों ने इसकी वजह तलाशी तो उनके होश उड़ गए. क्योंकि उन्होंने पाया कि शव को जलाने में इस्तेमाल होने वाली जरूरी सामग्री “राल” पूरी तरह से नकली है. दुकानदार ने असली राल की जगह पैकेट में रेत और मिट्टी भरकर उन्हें थमा दी थी. इस धोखे के कारण परिवार अपनी प्रियजन का अंतिम संस्कार करने के लिए लगभग 3 घंटे तक श्मशान घाट में परेशान होते रहे.
पुलिस में शिकायत दर्ज
मृतका के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने तुरंत दुकानदार जीतू सावलानी को फोन पर इसकी जानकारी दी और असली राल भेजने की मिन्नतें कीं, लेकिन दुकानदार ने उनकी एक न सुनी. आखिर में थक-हारकर परिजनों ने एक दूसरी दुकान से असली राल मंगवाई, जिसके बाद महिला का अंतिम संस्कार पूरा हो सका. इस अमानवीय घटना से आहत होकर परिजनों ने बीती रात बेलबाग पुलिस थाने पहुंचकर आरोपी दुकानदार के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है. मृतका के परिजनों की शिकायत पर बेलबाग पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

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