भोपाल।
छिंदवाड़ा में जहरीली दवा से बच्चों की मौत के मामले में जीतू पटवारी के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला है. नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में शुरूआत से ही लापरवाही हुई है. कांग्रेस विधायक ने इसको लेकर धरना तक दिया, लेकिन सरकार समय पर नहीं जागी. उन्होंने सवाल उठाया कि तमिलनाडु सरकार ने दवा कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, तो इतनी मौत के बाद भी मध्य प्रदेश में कंपनी के खिलाफ मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया. आखिर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला की इस मामले में कंपनी से क्या डील है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की इस दर्दनाक घटना को वे दिल्ली में भी उठाएंगे.
नेता प्रतिपक्ष का आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि "कांग्रेस विधायक सोहन मालवीय ने बच्चों की मौत के मामले में सरकार को पत्र लिखा था. उन्होंने धरना भी दिया, लेकिन सरकार समय पर नहीं जागी. जहरीली दवा से मौत के बाद बच्चों का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया. अब दफनाए जा चुके बच्चों को कब्र से बाहर निकालकर उनका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश को नवजात बच्चों का कब्रिस्तान बनाना चाहती है. मुख्यमंत्री असंवेदनशीन है और बीजेपी को सीएम के बारे में विचार करना चाहिए.
आखिर कंपनी पर एफआईआर क्यों नही ?
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि दवा कंपनी के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध क्यों नहीं किया गया. आखिर उप मुख्यमंत्री का कंपनी से क्या प्रेम है. जब तमिलनाडु सरकार ने कंपनी पर मामला दर्ज कर लिया तो मध्य प्रदेश में क्यों नहीं किया गया. आखिर पर्दे के पीछे क्या चह रहा है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह फॉर्मुलेशन सिर्फ एक कंपनी के पास नहीं गया हो, कई और कंपनियों ने भी इस फॉर्मुलेशन से दवा बनाई होगी.
उन सभी दवा कंपनियों की दवाओं की भी जांच होनी चाहिए. सरकार ने इस मामले में सिर्फ डॉक्टर और मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई कर दी, लेकिन सवाल है कि आखिर ड्रग कंट्रोलर इस पूरे मामले में क्या कर रहे थे. आखिर इस तरह की दवा के पहले उन्होंने चेतावनी क्यों नहीं दी. क्या पहले उन्होंने इसके कभी सैंपल नहीं लिए. सरकार को ड्रग कंट्रोलर पर भी मामला दर्ज करना चाहिए.