छिंदवाड़ा। 
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप के सेवन से मारे गए बच्चों के परिजनों से मिलने सोमवार को अचानक सीएम यादव पहुंचे. इस दौरान वे छिंदवाड़ा के न्यूटन चिखली इलाके में पहुंचे. यहां उन्होंने मृतक बालक अदनान के परिजनों से मुलाकात की. इसके बाद सीएम यादव परासिया के लिए रवाना हो गए. आपको बता दें कि यहां जहरीली सिरप पीने से 16 बच्चों की मौत हो चुकी है.
इस दौरान एक दर्दनाक कहानी सामने आई है. बताया जा रहा है कि सीएम से मुलाकात के दौरान परिजनों के बहुत ही दुख भरी कहानी सुनाई. परिवार ने बताया कि हमारी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. लिहाजा, बच्चे के इलाज के लिए बच्चे के पिता ने अपने आजीविका का आधार ऑटो बेचकर बच्चे की इलाज करवाई थी. हालांकि, इसके बाद भी बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी.
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
कफ सिरप से बच्चों की मौत मामले में अब ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी गई है. मुख्यमंत्री के दौरे के बाद तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनमें ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्या, छिंदवाड़ा ड्रग इंस्पेक्टर गौरव शर्मा और खाद्य एवं औषधि प्रशासन उपसंचालक शोभित कोष्टा के नाम शामिल है. जिन ड्रग इंस्पेक्टरों को सस्पेंड किया गया है उनमें छिंदवाड़ा ड्रग इंस्पेक्टर गौरव शर्मा और जबलपुर ड्रग इंस्पेक्टर शरद जैन के नाम शामिल हैं.
आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी को कोर्ट में किया गया पेश
सीएम यादव के दौरे के बीच कड़ी सुरक्षा के बीच कथित आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी को लेकर पुलिस सेशन कोर्ट पहुंची. यहां सेशन कोर्ट में डॉक्टर को पेश किया गया. इस दौरान कोर्ट में बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात रहा.
फार्मेसी का लाइसेंस निरस्त
इस बीच छिंदवाड़ा ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स विभाग ने अपना फ़ार्मसी का लाइसेंस निरस्त कर दिया है. कास बात ये है कि डॉ. प्रवीण सोनी की पत्नी ज्योति सोनी इस फ़ार्मसी को संचालित कर रही थी. परासिया में क्लीनिक के पास ही फ़ार्मसी स्थित थी. इसके साथ ही ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स विभाग की टीम की ओर से मामले की जांच की जा रही है. गौरतब है कि परासिया में जहरीली कोल्ड्रिफ़ कफ सिरप सबसे ज़्यादा इसी फ़ार्मसी से ली गई थी.