इंदौर में रैगिंग का शर्मनाक मामला, टॉयलेट पॉट पर मुंह रख किया फ्लश!
इंदौर ।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IIT Indore) में रैगिंग के दो मामले सामने आ हैं। एक में यूजीसी को शिकायत की गई। जांच के बाद छह सीनियर्स को हॉस्टल से निष्कासित किया गया। दूसरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। चीफ हॉस्टल वार्डन डॉ. जीएस प्रजापति को मामले की खबर तक नहीं है।
दरअसल, ए हॉस्टल में बीई फस्र्ट ईयर के विद्यार्थियों के साथ सीनियर्स ने रैगिंग (Indore Ragging Case) की तो पीड़ितों ने यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी। मारपीट का आरोप लगाया। 19 अगस्त को यूजीसी ने कार्रवाई करने को कहा। आइईटी प्रबंधन ने छह विद्यार्थियों की पहचान की। यह बीटेक सेकंड ईयर के हैं। सी हॉस्टल में रह रहे थे। आइईटी प्रशासन ने इन्हें हॉस्टल से बाहर कर दिया।
रात में एक और घटना
इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में बुधवार रात फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों की बीटेक थर्ड और फोर्थ ईयर के विद्यार्थियों ने हॉस्टल पहुंचकर रैगिंग ली। मारपीट भी की। इसमें कई विद्यार्थियों की पहचान हुई है। बताया जा रहा है कि कुछ को शौचालय के पॉट पर मुंह रख फ्लश किए गए। विद्यार्थियों और परिजन ने शिकायत आइईटी प्रबंधन, पुलिस से की है। आइईटी इंदौर के प्रभारी डायरेक्टर डॉ. प्रतोष बंसल ने छह विद्यार्थियो को हॉस्टल से निष्कासित करने की पुष्टि की। दूसरे मामले (Indore Ragging Case) में अनभिज्ञता जाहिर की।

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