सियासी 'सुर' और फिल्मी 'ताल': उज्जैन में CM मोहन और सिंधिया की 'म्यूजिकल' जुगलबंदी!
उज्जैन।
मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में आयोजित ग्रामीण डाक सम्मेलन में उस समय हंसी की लहर दौड़ गई, जब सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी पुरानी फिल्मी यादों में खो गए। मौका था डाक विभाग के कार्यक्रम का, तो जिक्र भी 'डाकिए' और 'चिट्ठी' का छिड़ना लाजिमी था।
CM को याद आए राजेश खन्ना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समाज में डाकिए की अहमियत बताई। जोश-जोश में उन्हें सुपरस्टार राजेश खन्ना की याद आ गई। उन्होंने फिल्म 'पलकों की छांव में' के मशहूर गाने "डाकिया डाक लाया..." का जिक्र किया और बताया कि कैसे उस दौर में डाकिया खुशियों का संदेशवाहक होता था। सीएम के इस फिल्मी अंदाज पर खूब तालियां बजीं।
सिंधिया की 'बॉर्डर' में 'चिट्ठी' का कन्फ्यूजन!
जब ज्योतिरादित्य सिंधिया की बारी आई, तो वे भी पीछे नहीं रहना चाहते थे। उन्होंने अपनी बात को फिल्मी तड़का देते हुए कहा कि उन्हें फिल्म 'बॉर्डर' याद आ रही है। सिंधिया ने जोश में कहा— "बॉर्डर फिल्म का वो गाना था ना... चिट्ठी आई है, आई है, चिट्ठी आई है।"
...लेकिन यहाँ हो गई गड़बड़
बस यहीं सिंधिया से थोड़ी चूक हो गई। जिस 'चिट्ठी आई है' गाने को वे 'बॉर्डर' का बता रहे थे, वो दरअसल फिल्म 'नाम' का मशहूर गाना है जिसे पंकज उधास ने गाया था। फिल्म 'बॉर्डर' में तो "संदेशे आते हैं..." गाने ने धूम मचाई थी।
आपस में ठहाके लगाते रहे सीएम और सिंधिया
भले ही सिंधिया जी फिल्म का नाम भूल गए और गानों की 'अदला-बदली' हो गई, लेकिन कार्यक्रम का माहौल बेहद खुशनुमा रहा। मंच पर मौजूद दोनों दिग्गज नेता आपस में ठहाके लगाते रहे। जनता ने भी उनकी इस छोटी सी भूल को नजरअंदाज करते हुए उनकी भावनाओं और 'म्यूजिकल' जुगलबंदी पर जमकर तालियां बजाईं। आखिर मकसद तो डाकिए की मेहनत को सलाम करना था, फिर चाहे वो 'बॉर्डर' से आए या 'नाम' से!

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