उज्जैन।
 बीते शुक्रवार 12 एवं 13 दिसंबर की दरमियानी रात नशा मुक्ति केंद्र में हुई युवक की संदिग्ध मौत मामले में जीवाजीगंज थाना पुलिस ने 8 दिन के अंदर मामले का खुलासा कर दिया है. पुलिस खुलासे में मृतक युवक के परिवार की आशंका सही निकली की नशा मुक्ति केंद्र में बेटे की हत्या की गई है. थाना जीवाजीगंज प्रभारी विवेक कनोडिया ने बताया केंद्र कि, ''6 लोगों के विरुद्ध FIR दर्ज की है. जांच एवं पीएम रिपोर्ट में सपष्ट हुआ है जबरदस्ती दवा खिलाने के लिए युवक को बेरहमी से पीटा गया जिससे उसका लिवर फट गया था.''
जीवाजीगंज थाना प्रभारी ने कहा, ''कुल 6 आरोपियों में से 2 फरार हैं जबकि चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. गैर इरादतन हत्या के आरोप में FIR दर्ज की गई है. नव मानस नशा मुक्ति केंद्र के संचालक उमेश वैष्णव, गार्ड कमलेश राव, गार्ड चंद्रशेखर फड़के, कपिल वर्मा, शुभम चौहान व 1 अन्य के विरुद्ध केस दर्ज हुआ है. संचालक व एक आरोप अभी फरार है, बाकी सभी हिरासत में ले लिए गए हैं.''
घुटनों के बल बैठाया, जबरदस्ती खिलाई दवा
पुलिस सूत्रों ने बताया, आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है युवक को दवाई खिलाने के लिए बेहद गलत तरीका अपनाया गया था. नशा मुक्ति केंद्र के गॉर्ड और कर्मियों की मदद से युवक को घुटने के बल बैठाया और जबरदस्ती दवा खिलाने का प्रयास किया गया. जब उसने दवा खाने से मना कर दिया तो उसे पीटा गया. हाथ पैर जकड़े, एक युवक उसकी छाती पर बैठा, जिस वजह से युवक सहन नहीं कर पाया और उसका लिवर फट गया था.
क्या है पूरा मामला?
शहर के मंगलनाथ मंदिर मार्ग पर नव मानस नशा मुक्ति केंद्र मौजूद है. बीते शुक्रवार 12 एवं 13 दिसंबर की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे एक शख्स हरीश निर्मल (उम्र 41 वर्ष निवासी गांव शंकरपुर) की मौत की सूचना परिवार को मिली. उसके पिता ग्यारसीलाल, भाई नरेंद्र वाडिया व अन्य ने शनिवार सुबह नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए शासकीय चरक भवन अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम के बाहर हंगामा खड़ा किया. उनका आरोप था कि, नशा मुक्ति केंद्र में हरीश निर्मल को प्रताड़ना दी गई है. 2 दिन पूर्व ही हम उससे मिलकर आए थे. उसकी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी. जब मौत की सूचना मिली की उसे अस्पताल लेकर गए. हम लोग भी अस्पताल पहुंचे, जहां हमने देखा हरीश की पीठ पर गंभीर चोट के निशान हैं, शरीर ठंडा पड़ चुका था. इसके बाद हमने थाना जीवाजीगंज में नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों के विरुद्ध आवेदन दिया था.
नशे की लत का शिकार था हरीश
मृतक हरीश के पिता ग्यारसीलाल ने बताया, ''बेटे हरीश की 13 साल पहले इंदौर में शादी हुई थी. उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं. हरीश कंस्ट्रक्शन का काम करता था. नशे की लत ने बीते 1 साल से हरीश को जकड़ लिया था. नशे से छुटकारा दिलाने के लिए उसे 6 दिसंबर को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाया था. सोचा था केंद्र में नया जीवन मिलेगा, लेकिन जीवन ही छीन लिया.''