उज्जैन में लैंड पुलिंग नीति के विरोध में किसानों का हल्ला बोल,18 नवंबर से डेरा डालने की चेतावनी
उज्जैन।
उज्जैन में सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन अधिग्रहण के विरोध में भारतीय किसान संघ ने सोमवार को अनोखा प्रदर्शन किया। किसान ढोल बजाते हुए विधायक और सांसद के घर पहुंचे और लैंड पुलिंग कानून को निरस्त करने की मांग की। किसानों का आरोप है कि सरकार सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी और व्यावसायिक निर्माण के नाम पर “लैंड पुलिंग नीति” लागू कर किसानों की जमीनें छीन रही है। बहादुर सिंह भाटी किसान संघ जिला अध्यक्ष ने बताया कि सरकार को कानून वापस लेने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो 18 नवंबर से हजारों किसान उज्जैन में डेरा डाल देंगे और तब तक आंदोलन जारी रहेगा जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता। किसानों ने दशहरा मैदान से रैली निकाली और सबसे पहले विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने ढोल बजाकर विरोध जताया और मांगपत्र गेट पर चस्पा किया। इसके बाद किसान सांसद अनिल फिरोजिया के घर पहुंचे और वहां भी नारेबाजी करते हुए ज्ञापन चस्पा किया। अंत में किसान संघ के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार नए तरीके से किसानों की जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आवाज नहीं सुनी गई, तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप ले सकता है और इसमें मातृशक्ति भी सड़कों पर उतरने को तैयार है।

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