30 मई को हुबली में 'नेशनल प्रेस्टिज अवार्ड 2026' से भी होंगे सम्मानित
टीकमगढ़, सबकी खबर। 
देश के रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में लगातार अपना परचम लहरा रहे मध्य प्रदेश के 20 वर्षीय युवा एयरोस्पेस रिसर्चर और ‘युवा मिसाइल मैन’ प्रखर विश्वकर्मा के नाम एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय उपलब्धि जुड़ गई है। यूनाइटेड किंगडम (लंदन) में आगामी 27 और 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने जा रहे प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मेलन ‘डिफेंस इन स्पेस कॉन्फ्रेंस 2026' में शामिल होने के लिए प्रखर विश्वकर्मा को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. इसके साथ ही, तकनीकी क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और अभूतपूर्व कार्यों के लिए ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा उन्हें प्रतिष्ठित 'नेशनल प्रेस्टिज अवार्ड 2026' के लिए भी चुना गया है। आगामी 30 मई 2026 को हुबली (कर्नाटक) में आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में उन्हें इस राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जाएगा।
यूके स्पेस कमांड के प्रमुख करेंगे ऑफिशियल ओपनिंग
लंदन के ‘द ब्रुअरी’ लन्दन में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आधिकारिक उद्घाटन यूके स्पेस कमांड के हेड ऑफ स्पेस कैपेबिलिटी, कमोडोर टोनी विलियम्स द्वारा किया जाएगा। इस वैश्विक कार्यक्रम में दुनिया भर के 30 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रतिनिधि और 65 से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्पीकर शामिल हो रहे हैं. यह आयोजन स्पेस और डिफेंस कम्युनिटी द्वारा सरकार, उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और अनुसंधानकर्ताओं के लिए किया जा रहा है, जिसे एयरोस्पेस सेक्टर की दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां जैसे एयरबस, ओपेन कॉसमॉस, एस टी एन इंजीनियरिंग और स्काई लाइन कम्युनिकेशन स्पॉन्सर कर रही हैं. इतने शीर्ष सैन्य नेतृत्व और ग्लोबल फेटरनिटी के बीच भारत के एक युवा छात्र का आमंत्रित होना पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
कौन हैं प्रखर विश्वकर्मा?
मूल रूप से मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के निवासी प्रखर विश्वकर्मा वर्तमान में भोपाल के बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। प्रखर इसरो (ISRO) के पंजीकृत 'स्पेस ट्यूटर' हैं और एयरो एक्स स्पेस टेक्नोलॉजी स्टार्टअप के फाउंडर व सीईओ भी हैं। वे पिछले काफी समय से स्वदेशी रक्षा तकनीक और रीयूजेबल मिसाइल सिस्टम प्रोजेक्ट राम पर काम कर रहे हैं। तकनीकी और अनुसंधान के क्षेत्र में इसी निरंतर योगदान के कारण ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर 'नेशनल प्रेस्टिज अवार्ड' के लिए चुना गया है. इसके अलावा वे नासा से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय नागरिक वैज्ञानिक का भी हिस्सा रहे हैं, जिसके तहत उन्होंने एक क्षुद्रग्रह की खोज भी की है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर गूंजेगा भारत का नाम
इन दोहरी उपलब्धियों पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रखर ने कहा कि यूके स्पेस कमांड के शीर्ष अधिकारियों और वैश्विक डिफेंस लीडर्स की मौजूदगी वाले इस सम्मेलन में शामिल होना उनके लिए एक बड़ा अवसर है। वे स्पेस डिफेंस की आधुनिक तकनीकों को समझने और वैश्विक लीडर्स के साथ विचार साझा करने के लिए बेहद उत्सुक हैं। उनकी इस बड़ी उपलब्धि पर उनके संस्थान (BIST), परिवार और शुभचिंतकों ने बधाई दी है।