टीकमगढ़।
जिले में यूरिया खाद की समस्या के चलते एक किसान की मौत हो गई। मृतक किसान जमुना कुशवाहा (50) कारी बजरुआ गांव के रहने वाले थे। वह तीन दिन से खाद के लिए लाइन में लगे थे और इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि मौत खाद की लाइन में लगने से तबीयत बिगड़ने के कारण हुई है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने बताया कि मौत हार्ट अटैक से हुई है।
किसानों को हो रही परेशानी
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में यूरिया खाद की किल्लत के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के चलते एक किसान की जान चली गई। मृतक किसान की पहचान जमुना कुशवाहा (50) के रूप में हुई है, जो कारी बजरुआ गांव के निवासी थे। यह घटना जिले में खाद की गंभीर समस्या को उजागर करती है, जहां किसान कई दिनों से खाद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जमुना कुशवाहा भी इसी संघर्ष का हिस्सा थे।
तीन दिन से लाइन में लगे थे
परिजनों ने आरोप लगाया है कि जमुना कुशवाहा पिछले तीन दिनों से बडोराघाट खाद वितरण केंद्र पर यूरिया खाद के लिए लाइन में लग रहे थे। खाद तो उन्हें नहीं मिला, लेकिन इस प्रयास में उनकी जान चली गई। किसान जमुना कुशवाहा यूरिया खाद प्राप्त करने की उम्मीद में रोज बड़ोराघाट खाद वितरण केंद्र पर जा रहे थे। वहां उन्हें खाद के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था।