सिंगरौली।
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से एक अजब-गजब विकास कार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिले के देवसर जनपद क्षेत्र अंतर्गत मझगवां गांव में खेतों के बिल्कुल बीचों-बीच एक सरकारी पुलिया खड़ी कर दी गई है, जबकि इसके दोनों तरफ न तो कोई सड़क नजर आ रही है और न ही कोई एप्रोच रोड। खेत के बीच बनी इस पुलिया को देखकर ग्रामीण भी हैरान हैं और सरकारी बजट के इस्तेमाल पर सवाल उठा रहे हैं। मामला मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए सामने आने के बाद सिंगरौली जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। इस अजीबो-गरीब निर्माण कार्य की हकीकत जानने के लिए देवसर जनपद पंचायत के सीईओ को पूरे मामले की जांच सौंप दी गई है। 
पंचायत की सफाई: सरकारी जमीन पर कब्जे के कारण गायब हुई सड़क
वीडियो वायरल होने के बाद उठे सवालों पर पंचायत अधिकारियों ने अपनी सफाई पेश की है। पंचायत विभाग के मुताबिक, यह निर्माणाधीन पुलिया ग्रामीण संपर्क योजना का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि जिस जगह पुलिया बनाई जा रही है, वहां पहले से ही मूल ग्रामीण रास्ता दर्ज है। लेकिन सरकारी जमीन पर आसपास के लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिए जाने की वजह से सड़क फिलहाल दिखाई नहीं दे रही है।

25 विशेष संरक्षित बैगा परिवारों को जोड़ने का दावा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस रास्ते से अतिक्रमण हटाने और सड़क को दोबारा बहाल करने का काम जारी है। यह पूरी परियोजना क्षेत्र में रहने वाले 25 विशेष संरक्षित बैगा जनजातीय परिवारों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए तैयार की जा रही है। अतिक्रमण हटाने का काम पूरा होते ही एप्रोच रोड का निर्माण कर दिया जाएगा, जिससे यह पुलिया सीधे गांव के मुख्य रास्ते से जुड़ जाएगी।
विंध्य के ग्रामीण इलाकों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल
सिंगरौली के इस मामले ने एक बार फिर पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों की प्लानिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एप्रोच रोड और जमीन का सीमांकन पहले ही साफ कर लिया जाता, तो इस तरह खेत के बीचों-बीच पुलिया खड़ा करके सरकारी पैसे का ऐसा नजारा देखने को नहीं मिलता। फिलहाल अब हर किसी की नजर जनपद सीईओ की जांच रिपोर्ट पर टिकी है।