सीधी। 
मध्यप्रदेश की कैबिनेट मंत्री राधा सिंह को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब 'नारी शक्ति वंदन' पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने ही उनका रास्ता रोक दिया। गैस सिलेंडरों की किल्लत से नाराज ग्रामीण महिलाओं ने सड़क पर खाली सिलेंडर रखकर मंत्री के काफिले को आगे बढ़ने नहीं दिया। दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ सरकार नारी शक्ति के सम्मान का उत्सव मना रही है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती महिलाओं ने सरकार को जमीन की हकीकत दिखा दी।
एजेंसी के बाहर मचा था बवाल
पूरा मामला एक गैस एजेंसी के सामने का है, जहां पिछले कई दिनों से एलपीजी सिलेंडर की किल्लत चल रही है। बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल रहे थे। इसी बीच जब मंत्री राधा सिंह का काफिला वहां से गुजरा, तो जनता का सब्र टूट गया। आक्रोशित महिलाओं ने तुरंत सड़क के बीचों-बीच सिलेंडर लगा दिए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
गाड़ी से बाहर नहीं निकलीं मंत्री
प्रदर्शन के दौरान करीब 15 मिनट तक मंत्री राधा सिंह की गाड़ी वहीं खड़ी रही। प्रदर्शनकारी महिलाएं अपनी पीड़ा सुनाने के लिए मंत्री को बाहर बुलाती रहीं, लेकिन मंत्री गाड़ी के भीतर ही बैठी रहीं। बाद में पुलिस और कुछ स्थानीय लोगों की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया गया, तब जाकर मंत्री का काफिला वहां से रवाना हो सका। 'किल्लत नहीं, सिर्फ ट्रैफिक जाम था' हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी मंत्री राधा सिंह ने विरोध प्रदर्शन की बात से साफ इनकार कर दिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा:"किसी ने मेरा रास्ता नहीं रोका, मैं तो महज ट्रैफिक जाम में फंस गई थी। जिले में गैस की कोई किल्लत नहीं है, सब कुछ सामान्य है।"
सिस्टम बनाम जनता: कौन बोल रहा सच?
मंत्री के इस बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। एक तरफ खाली सिलेंडर लेकर सड़क पर बैठी जनता है जो दाने-दाने को मोहताज हो रही है, वहीं दूसरी तरफ सिस्टम का दावा है कि 'सब ठीक है'। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर मंत्री को जनता की परेशानी नहीं दिख रही, तो आने वाले समय में जनता इसका जवाब जरूर देगी।