शिवपुरी।  
 ढाई करोड़ के घोटाले की मास्टरमाइंड तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को कल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। आज पुलिस ने तहसीलदार को शिवपुरी सर्किल जेल में भेज दिया है। तस्वीरों में तहसीलदार मुंह को ढके हुए नजर आई,  अमिता सिंह तोमर के साथ  पुलिस के कर्मचारी चल रहे थे लेकिन अमिता तोमर मुंह को ढके हुए सीधे जेल में दाखिल हो गई। महिला तहसीलदार को देखकर लग रहा था कि शायद उसे अपने किए पर पछतावा हो रहा है। महिला पुलिस और दूसरे अधिकारी ने अमिता तोमर को जेल के अंदर भेजा। श्योपुर में पदस्थ तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को कल श्योपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था और जेल भेज दिया गया है। ये वही तहसीलदार अमिता सिंह है जो अमिताभ बच्चन के मशहूर टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपए जीतने के बाद देश भर में चर्चा में आई थी। लेकिन ज्यादा रुपयों की चाहत में वो भ्रष्टाचार करने लगी और इस रास्ते पर चल पड़ी जिसमें सिर्फ बदनामी और बेइज्जती मिलती है। अच्छे खासे पोस्ट पर पदस्थ होने के बाद भी शायद तहसीलदार की चाहत कुछ और थी। अब उसी चाहत का अंजाम सबके सामने है। बाढ़ पीड़ितों के लिए आई राहत राशि को लूट का जरिया बनाने वाले  तहसीलदार को आखिरकार अपने कारनामे की सजा मिली है।  दरअसल तहसीलदार अमिता तोमर ने साल 2021 की बाढ़ में पीड़ितों के लिए आई राहत राशि को भ्रष्टाचार का अड्डा बना लिया था । बड़ौदा तहसील में करीब ढाई करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले की मुख्य आरोपी तत्कालीन तहसीलदार अब सलाखों के पीछे है। ऑडिट जांच में सामने आया कि कई अपात्र और काल्पनिक नामों पर मुआवजा राशि निकाली गई, दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया गया था।

एक दिन पहले ही विजयपुर तहसीलदार पद से हटाया गया था
आपको बता दें कि अमिता सिंह तोमर को एक दिन पहले ही विजयपुर तहसीलदार पद से हटा दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने  उन्हें ग्वालियर स्थित निवास से गिरफ्तार किया गया है।