सिंधिया के गढ़ में जयभान सिंह पवैया की एंट्री, मची हलचल
ग्वालियर/शिवपुरी।
प्रदेश की राजनीति में बड़ी हलचल देखी जा रही है. दरअसल भाजपा के फायरब्रांड हिंदूवादी नेता और पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया लंबे अंतराल के बाद शिवपुरी पहुंचे हैं. यह क्षेत्र केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का संसदीय गढ़ माना जाता है. भाजपा के सेवा पखवाड़ा के तहत आयोजित एकात्म मानववाद संगोष्ठी में उन्होंने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया और कांग्रेस पर सीधा हमला बोला. इस घटनाक्रम से शिवपुरी से लेकर भोपाल तक की राजनीति में खलबली मच गई है.
पवैया की सक्रियता इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि उन्हें हमेशा महल विरोधी नेता के रूप में जाना जाता रहा है. वे पहले ग्वालियर से स्वर्गीय माधवराव सिंधिया और गुना-शिवपुरी से ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं. वर्ष 2014 में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के रूप में ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनौती दी थी, हालांकि उन्हें पराजय झेलनी पड़ी थी. एक बार फिर से वे इसी क्षेत्र में सक्रिय हैं तो इसके पीछे कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
ग्वालियर-चंबल में नए समीकरण बन रहे
शिवपुरी आगमन के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उस दृश्य की रही जब सिंधिया समर्थक माने जाने वाले भाजपा नेता उनके स्वागत में आगे दिखे. हाल ही में भाजपा जिलाध्यक्ष बनाए गए जसवंत जाटव, जिन्हें सिंधिया का करीबी माना जाता है, पवैया का स्वागत करते नजर आए. इससे राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई कि क्या भाजपा के भीतर ग्वालियर-चंबल में नए समीकरण बन रहे हैं.
चंबल की राजनीति नए समीकरणों के दौर से गुजर रही
उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद की विचारधारा को वर्तमान राजनीति में प्रासंगिक बताया. पवैया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी विचारधारा को व्यवहार में ला रहे हैं. गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाएं इसी सोच से प्रेरित हैं. पवैया की सक्रियता उस समय चर्चा का विषय बनी है जब ग्वालियर-चंबल की राजनीति लगातार बदलते समीकरणों के दौर से गुजर रही है. कांग्रेस और भाजपा दोनों ही इस पर नजर रखे हुए हैं कि पवैया की बढ़ती मौजूदगी आगामी चुनावों में क्या असर डालेगी. सिंधिया के गढ़ में उनकी एंट्री ने राजनीतिक हलचल को नया मोड़ दे दिया है.

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