शिवपुरी। 
शिवपुरी नगर पालिका के 18 पार्षदों ने कुछ दिन पूर्व कलेक्टर कार्यालय में सामूहिक इस्तीफे सौंपे थे। बुधवार को सुनवाई के बाद कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी(Collector Ravindra Kumar Choudhary) ने जांच के बाद सभी पार्षदों के इस्तीफे नामंजूर कर दिए। साथ ही मामले में आगे उचित कार्रवाई करने की बात भी कही है। इतना ही नहीं जांच रिपोर्ट में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा दोषी पाई गई है और जल्द उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। नगर पालिका अध्यक्ष शर्मा व पार्षदों के बीच तीन माह से विवाद चल रहा है। इसमें कांग्रेस भाजपा सभी पार्षद एकजुट है।
मंदिर में अध्यक्ष को हटाने खाई थी कसम
शिवपुरी नगर पालिका में अध्यक्ष से असंतुष्ट 22 पार्षदों ने 11 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन दिया था। बाद में मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के आश्वासन में आवेदन वापस लिया गया। इसके बाद सभी पार्षदों ने करैरा में बगीचा मंदिर पर कसम खाई (अगर नगर पालिका अध्यक्ष को नहीं हटवा पाए तो वह खुद इस्तीफा दे देंगे)। फिर 28 अगस्त को 12 भाजपा, 4 कांग्रेस व 2 निर्दलीय पार्षदों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सामूहिक इस्तीफे सौंप दिए थे। बुधवार को कलेक्टर ने वाजिब कारण न होने के चलते इस्तीफे अमान्य कर दिए।
तीन सीएमओ नपे
शिवपुरी नपा में वित्तीय अनियमितता को लेकर जांच के बाद कलेक्टर की रिपोर्ट पर दो पूर्व व वर्तमान सीएमओ निलंबित कर दिए गए। अब वित्तीय अनियमितता में अध्यक्ष पर तलवार लटकी है।

कार्रवाई की जाएगी
जांच के बाद इस्तीफे अमान्य किए हैं। नगर पालिका में जिन गड़‌बड़ियों को लेकर वे असंतुष्ट थे सभी पर एक-एक कर जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है। जो भी गलत होगा कार्रवाई की जाएगी।- रविंद्र चौधरी, कलेक्टर शिवपुरी